अंबेडकरनगर। खरीफ सीजन की शुरुआत से ठीक पहले जिले में सिंचाई व्यवस्था की पोल खुल गई है। मंगलवार को जिला पंचायत सभागार में आयोजित सिंचाई बंधु की बैठक में किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। नलकूपों की बदहाली, सरकारी नालियों में महीनों से जारी लीकेज और ड्रेनों में मिलों द्वारा बहाए जा रहे औद्योगिक कचरे जैसे गंभीर मुद्दों को लेकर किसानों ने विभागीय अधिकारियों को जमकर घेरा।
शासन द्वारा नामित सिंचाई बंधु के उपाध्यक्ष दिलीप तिवारी की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में किसान प्रतिनिधियों ने सिंचाई विभाग की लापरवाही पर तीखे सवाल उठाए। बैठक में किसान रामबचन गुप्ता ने नलकूप संख्या 250 एजी लोहझरा की नाली में लंबे समय से हो रहे लीकेज का मामला प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि लीकेज के कारण टेल तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है, जिससे सिंचाई प्रभावित हो रही है। वहीं किसान चंद्रपाल वर्मा ने कठेलवा ड्रेन की बदहाली का मुद्दा उठाते हुए आरोप लगाया कि एक निजी मिल द्वारा ड्रेन में खुलेआम औद्योगिक अपशिष्ट (केमिकल युक्त कचरा) बहाया जा रहा है। इसके अलावा कृषक राजेश वर्मा ने नलकूप संख्या 117 टीजी उमरा गांव की तकनीकी कमियों और बदहाली को बैठक में रखा। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि खरीफ सीजन से पहले इन नलकूपों, नालियों और ड्रेनों को दुरुस्त नहीं किया गया तो जिले में बड़ा सिंचाई संकट खड़ा हो जाएगा। मामले की गंभीरता को देखते हुए उपाध्यक्ष दिलीप तिवारी ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने संबंधित विभागीय अधिकारियों को फटकार लगाते हुए तुरंत स्थलीय निरीक्षण करने और सभी समस्याओं का तय समय सीमा के भीतर समाधान करने के कड़े निर्देश दिए।
एक पेड़ मां के नाम लगाने का लिया संकल्प
बैठक के समापन पर पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री के एक पेड़ मां के नाम अभियान पर चर्चा की गई, जहां उपस्थित अधिकारियों और किसानों ने सामूहिक रूप से पौधरोपण का संकल्प लिया। बैठक में मुख्य रूप से सहायक अभियंता (नलकूप) नागेंद्र कुमार, ध्रुव अग्रवाल, एई (बिजली विभाग) सुंदरपाल, जेई (सिंचाई) अर्जुन यादव, जिलेदार केशव प्रसाद दुबे, अवधेश सिंह, संदीप, वन विभाग से शंकर मौर्या सहित कृषक चंद्रपाल वर्मा, रामबचन गुप्ता और साहिल वर्मा आदि मौजूद रहे।