.भीटी के खजुरी गांव में शनिवार को जनचौपाल को संबोधित करते डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य
आलापुर। जहांगीरगंज के विश्वनाथपुर नरियांव में श्रीमद्भागवत कथा के छठवें दिन शनिवार को भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का वर्णन किया गया। प्रवाचक विमल कृष्ण शास्त्री ने कहा कि आडंबर से अधिक महत्व सच्ची भावना का है। अहंकार और क्रोध पर नियंत्रण से ही जीवन संतुलित रहता है।
सादगी और निष्कपटता संबंधों को मजबूत बनाती है। सामूहिक एकता से बड़े से बड़ा संकट टाला जा सकता है। प्रकृति के प्रति सम्मान और संरक्षण सामाजिक जिम्मेदारी है। विश्वास और सकारात्मक सोच जीवन में स्थिरता लाते हैं। मलार्जुन उद्धार की कथा में भक्त उद्धार का संदेश बताया गया, जबकि कालिया नाग दमन प्रसंग को अहंकार और दुष्ट प्रवृत्तियों के अंत से जोड़ा गया। कथा के दौरान माखन चोरी का प्रसंग प्रमुख रहा। उन्होंने कहा कि यह लीला भक्त और भगवान के प्रेम संबंध का प्रतीक है। माखन को निर्मल हृदय का प्रतीक बताते हुए उन्होंने कहा कि सादगी, निष्कपटता और प्रेम भक्ति का आधार हैं। वर्तमान समय में सरलता और सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने से जीवन में संतुलन संभव है।