एआरटीओ कार्यालय में हंगामे के बाद एआरटीओ को अपनी परेशानी बताता ट्रक मालिक।
अंबेडकरनगर। एआरटीओ कार्यालय में चालान जमा होने के बाद भी ऑनलाइन दिखाई देने और वाहन ब्लैकलिस्ट होने से नाराज ट्रक मालिक ने बुधवार को हंगामा कर दिया। लिपिक से तीखी नोकझोंक के बाद उसने अपनी शर्ट उतार दी। एआरटीओ से भी उसकी बहस हुई। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस बुलानी पड़ी। करीब एक घंटे बाद मामला शांत हुआ और शिकायत का निस्तारण कराया गया।
अहिरौली क्षेत्र के प्रतापीपुर मिझौड़ा निवासी अखिलेश तिवारी ने फाइनेंस कंपनी से ऋण लेकर ट्रक खरीदा था। उनके अनुसार जून 2026 में गाजीपुर में हुए हादसे में ट्रक पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था। इसके बाद चेचिस बदलवाई गई और 22 जुलाई को सहायक उपसंभागीय कार्यालय में वाहन का भौतिक परीक्षण कराया गया।
अखिलेश के अनुसार बलिया में खनन विभाग का एक लाख 10 हजार रुपये का चालान लंबित होने के कारण ट्रक के संचालन पर रोक लग गई थी। उन्होंने चालान का भुगतान कर दिया, लेकिन ऑनलाइन रिकॉर्ड में अब भी चालान दिखाई दे रहा है। इससे बिहार संचालन का परमिट नहीं बन पा रहा है। समस्या के समाधान के लिए वह कई दिनों से कार्यालय के चक्कर लगा रहे थे।
बुधवार को इसी बात को लेकर लिपिक कल्पनाथ से उनका विवाद हो गया। सूचना पर पहुंचे एआरटीओ सतेंद्र कुमार से भी उनकी तीखी बहस हुई। पुलिस के पहुंचने पर इंस्पेक्टर भूपेंद्र सिंह ने उन्हें शांत कराया। एआरटीओ सतेंद्र कुमार ने बताया कि ट्रक मालिक कर्मचारी से अभद्रता कर रहे थे। शिकायत का निस्तारण करा दिया गया है।