गर्भवती की मौत के मामले में भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। पीड़ित ने डीएम से को दिए शिकायती पत्र में कहा है कि अब नर्सिंगहोम संचालिका द्वारा जान से मारने की धमकी दी जा रही है।
डीएम को दिए गए पत्र में कहा गया है कि 28 फरवरी 2015 को संघतिया निवासी निन्हू ने अपनी पत्नी सुमन को संघतिया के ही एक नर्सिग होम में भर्ती कराया था। प्रसव पीड़ा से तड़प रही महिला का पहले इलाज किया, फिर उसका छोटा आपरेशन कर दिया। इससे रक्तस्राव शुरू हो गया। इससे जच्चा बच्चा दोनों की मौत हो गई।
इस पर नसिंगहोम संचालिका वहां से भाग निकली। बाद में पीड़ित ने नर्सिंगहोम संचालिका पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए सीएमओ को पत्र देकर कार्रवाई की मांग की थी। सीएमओ द्वारा गठित जांच टीम में शामिल डा. सुभाषचंद्र व डा. ओपी गुप्ता ने जांच के दौरान पाया कि न तो नर्सिंगहोम संचालन के लिए लाइसेंस लिया गया है और न ही नर्सिंगहोम संचालिका के पास कोई डिग्री है।
इस पर सीएमओ के निर्देश पर टीम ने नर्सिंगहोम को सील कर दिया था। पीड़ित का आरोप है कि कार्रवाई के बाद भी मौजूदा समय में नर्सिंगहोम का संचालन धड़ल्ले से हो रहा है। इतना ही नहीं, संबंधित नर्सिंगहोम संचालिका के विरुद्ध अकबरपुर थाने में केस भी दर्ज है, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है।
उधर सीएमओ मेजर डॉ. बीपी सिंह ने कहा है कि पूरा प्रकरण दिखवाया जा रहा है। अस्पताल का संचालन मौजूदा परिस्थितियों में नहीं हो सकेगा।