अंबेडकरनगर। जिला अस्पताल परिसर में मुख्यमंत्री के हाथों ट्राॅमा विंग का लोकार्पण कराने के तीन माह बाद भी इलाज शुरू नहीं हो सका है। इसकी बड़ी वजह कर्मचारियों का अभाव बताया जा रहा है। करीब सवा करोड़ से बने ट्रॉमा विंग में अभी तक स्टॉफ की तैनाती नहीं हो सकी।
गंभीर रूप से घायल लोगों को समय पर उचित उपचार उपलब्ध कराने के लिए जिला अस्पताल में ट्रॉमा विंग का निर्माण कराया गया है। जिले में ट्रॉमा सेंटर की सुविधा उपलब्ध नहीं होने के चलते गंभीर रूप से घायल लोगों को इलाज के लिए लखनऊ व दूसरे बड़े शहरों के अस्पताल में जाना पड़ता है।
इस परेशानी को देखते हुए वर्ष 2019 में ट्रॉमा विंग के लिए भवन का निर्माण शुरू कराया गया था। लगभग छह माह पूर्व भवन बनकर तैयार हो गया। 10 बेड वाले ट्रॉमा विंग के भवन को कार्यदायी संस्था पैक्सफेड ने सीएमएस कार्यालय को हैंडओवर भी कर दिया। स्वास्थ्य विभाग ने 20 जून को जनपद के दौरे पर आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से ट्रॉमा विंग का लोकार्पण कराया।
इसके साथ ही जल्द इलाज शुरू करने का दावा किया गया। लोकार्पण के तीन माह बाद भी ट्रॉमा विंग में इलाज की सुविधा शुरू नहीं हो सकी है। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इलाज शुरू करने के लिए जरूरी स्टॉफ की अभी तक तैनाती नहीं हो सकी है।
स्वास्थ्य निदेशालय को भेजा पत्र
ट्रॉमा विंग में स्टॉफ की तैनाती के लिए स्वास्थ्य निदेशालय को पत्र भेजा जा चुका है। स्टॉफ उपलब्ध होते ही इलाज शुरू कर दिया जाएगा।
-डॉ. वीरेंद्र झा, सीएमओ