बैंकों में कामकाज पूरी तरह ठप रहने से धन निकासी के लिए पहुंचे उपभोक्ताओं को बैरंग वापस लौटना पड़ा। जिन उपभोक्ताओं के पास एटीएम कार्ड थे, उन्होंने ने तो किसी प्रकार अपना काम चला लिया, लेकिन अन्य उपभोक्ताओं को खासी मुश्किल हुई। देर शाम तक एटीएम भी धोखा दे गए।
गैस एजेंसियों के शटर तो खुले लेकिन पर्ची कटने से लेकर रसोईगैस सिलेंडर की डिलेवरी तक का कार्य नहीं हुआ। इससे उपभोक्ताओं को मुश्किलों का सामना करना पड़ा। स्थानीय स्तर पर तो परिवहनकर्मियों की हड़ताल का असर नहीं दिखा लेकिन अन्य जनपदों में हड़ताल के चलते बसों का आवागमन कम हुआ, जिससे यात्रियों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा। भारतीय जीवन बीमा निगम के कार्यालय में भी हड़ताल रही।
स्टेट बैंक व यूनियन बैंक को छोड़कर बैंक आफ बड़ौदा, इलाहाबाद बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, सेंट्रल बैंक सहित अन्य कई बैंकों में हड़ताल के चलते लेनदेन पूरी तरह ठप रहा। इन बैंकों के लिपिक स्तर के कर्मचारी तो कार्य निपटाते रहे लेकिन अधिकारी हड़ताल पर रहे।
लेनदेन का कार्य न होने से धन निकासी व जमा के लिए बैंक पहुंचे ग्राहकों को मायूस होकर वापस लौटना पड़ा। बैंक आफ बड़ौदा में धननिकासी के लिए आए शहजादपुर के धर्मेंद्र व अमरजीत सोनी ने बताया कि हड़ताल की जानकारी न होने पर वे धननिकासी के लिए यहां आए हुए थे। यहां आने पर पता चला कि हड़ताल है।
बताया कि धन की उन्हें अत्यंत आवश्यकता थी, लेकिन हड़ताल के चलते नहीं मिल पाया। पंजाब नेशनल बैंक के निकट मिले रामअजोर ने कहा कि दवा के लिए उन्हें धननिकासी करनी थी। यहां आने के बाद मालूम हुआ कि हड़ताल है। टांडा में पहुंचे खलीकुर्रहमान ने कहा कि उन्हें कुछ व्यक्तिगत काम से रुपए की जरूरत थी, लेकिन हड़ताल के कारण वापस लौटना पड़ा।
हड़ताल के चलते एक तरफ जहां बैंकों में काम न होने से धननिकासी व जमा करने के लिए उपभोक्ताओं को मुश्किलों का सामना करना पड़ा वहीं दोपहर के बाद से एटीएम के भी साथ छोड़ देने से धन निकासी के लिए उपभोक्ता एक एटीएम से दूसरे एटीएम तक चक्कर लगाते रहे।
ट्रेड यूनियन की हड़ताल का प्रभाव रसोई गैस पर भी पड़ा। जिला मुख्यालय सहित ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित इंडेन व भारत गैस एजेंसियां बंद रहीं। इससे न तो गैस के लिए पर्ची कट सकी और न ही गैस उपभोक्ताओं को रसोई गैस सिलेंडर मिल सका। जानकारी न होने पर बड़ी संख्या में लोग सुबह से गैस के लिए एजेंसियों पर पहुंच गए। यहां पहुंचने पर जब उन्हें हड़ताल की जानकारी हुई तो मायूस होकर उन्हें वापस लौटना पड़ा।