अंबेडकरनगर। शौचालय निर्माण की प्रगति की समुचित रिपोर्ट न देने वाले सात सचिवों पर कार्रवाई की तलवार लटक गई है। शौचालय निर्माण की समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी राकेश कुमार को जानकारी दी गई कि शासन से शौचालय निर्माण के लिए मिले नए लक्ष्य 52 हजार 713 शौचालय के सापेक्ष अब तक मात्र 14 हजार 718 शौचालय का ही निर्माण हो सका है जबकि 37 हजार 995 शौचालय का या तो निर्माण नहीं हुआ या फिर निर्माणाधीन है। संबंधित क्षेत्र के सचिवों द्वारा निर्माण कार्य में बरती जाने वाली लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने डीपीआरओ को संबंधित सचिवों के विरुद्ध कार्रवाई कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।
स्वच्छ भारत मिशन योजना के तहत जिले में बड़े पैमाने पर शौचालय का निर्माण कराया जा रहा है। योजना के तहत वर्ष 2012 से दिसंबर 2019 तक 2 लाख 24 हजार शौचालय निर्माण का लक्ष्य जिले को मिला था। योजना के तहत संबंधित शौचालयों का निर्माण कार्य पूर्ण कर संबंधित गावों को ओडीएफ भी घोषित कर दिया गया। इस बीच बीते माह शासन ने जिले को 52 हजार 713 नए शौचालय के निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया। 31 मार्च तक सभी शौचालयों का निर्माण कार्य पूर्ण कर लिए जाने का भी निर्देश दिया गया। निर्माण में किसी प्रकार की आर्थिक बाधा न उत्पन्न हो, इसके लिए जरूरी राशि भी जिले को उपलब्ध करा दी गई।
इस बीच एक दिन पहले बुधवार को जिलाधिकारी राकेश कुमार ने सचिवों की बैठक कर शौचालय निर्माण की प्रगति की समीक्षा की। इसमें बताया गया कि जिले को शौचालय निर्माण का जो नया लक्ष्य दिया गया था, उसके सापेक्ष 14 हजार 718 का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है। 37 हजार 995 शौचालयों का निर्माण कार्य अब तक नहीं पूर्ण हो सका है। ज्यादातर सचिवों द्वारा यह नहीं बताया जा सका कि कितने शौचालय का कार्य प्रारंभ हुआ और कितने का कार्य प्रारंभ ही नहीं हुआ।
सचिवों द्वारा समुचित प्रगति रिपोर्ट न दिए जाने पर नाराजगी जताते हुए जिलाधिकारी ने ऐसे सचिवों पर कार्रवाई करने का निर्देश दिया, जिन्होंने प्रगति रिपोर्ट नहीं दी है। डीपीआरओ कार्यालय के अनुसार सात ऐसे सचिव हैं, जिन्होंने समुचित प्रगति रिपोर्ट नहीं सौंपी है। ऐसे में इन सचिवों पर कार्रवाई की तलवार लटक गई है। उधर डीपीआरओ रामअशीष चौधरी ने बताया कि सभी सचिवों से प्रगति रिपोर्ट मांगी गई है। जो सचिव समुचित प्रगति रिपोर्ट नहीं देंगे, उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।