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आंधी में उड़े टिन शेड ने ली युवक की जान

Tue, 09 May 2017 10:39 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/अंबेडकरनगर
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अंबेडकरनगर के पोस्टमार्टम हाउस के बाहर आंधी में मृत सत्यम के परिवारीजन और ग्रामीण । - फोटो : अमर उजाला
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तेज आंधी व बारिश के बीच टांडा थाना अन्तर्गत जनार्दनपुर गांव में िटन शेड उड़ गया। इससे इसके निकट सो रहा एक युवक इसकी चपेट में आ गया। गंभीर रूप से घायल युवक को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां हालत गंभीर होने पर उसे ट्रॉमा सेंटर लखनऊ रेफर कर दिया गया, जहां ले जाते समय रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया।
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सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घटना से परिवारीजनों में रोना पीटना मचा हुआ है। सोमवार देर रात्रि अचानक मौसम में आए बदलाव के बीच धूल भरी तेज आंधी चलने लगी। इससे जिला मुख्यालय समेत विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में जगह जगह िटन शेड व पेड़ धराशायी हो गए।ऐसे ही एक िटन शेड की चपेट में आने से एक युवक की मौत हो गई। 

जानकारी के अनुसार टांडा थाना अन्तर्गत जनार्दनपुर गांव निवासी सत्यम (19) पुत्र शिवप्रसाद सोमवार रात्रि घर के बाहर सो रहा था। बगल में ही िटन शेड स्थापित था। देर रात्रि आई धूलभरी आंधी से अचानक टिन शेड बांस बल्ली समेत ढह गया, जिससे बगल सो रहा युवक सत्यम उसके नीचे दब गया।
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चीख पुकार पर परिवारीजनों समेत इर्दगिर्द के ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए। परिवारीजानें ने ग्रामीणों की मदद से िटन शेड हटाया, लेकिन तब तक वह गंभीर रूप से घायल हो चुका था। परिवारीजनों ने ग्रामीणों की मदद से आननफानन में गंभीरावस्था में सत्यम को जिला अस्पताल में भर्ती कराया।

यहां हालत की गंभीरता को देखते हुए उसे ट्रॉमा सेंटर लखनऊ रेफर कर दिया गया। फैजाबाद जनपद के गोसाईगंज  के निकट पहुंचने पर उसकी मौत हो गई। इस बीच सूचना मिलने पर पहुची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

उधर, अंबेडकरनगर मेंं सोमवार रात आई तेज आंधी से जिले की विद्युत आपूर्ति की व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो गई। इससे लगभग 10 लाख की आबादी को पूरी रात अंधेरे में गुजारनी पड़ी। कई क्षेत्र में आपूर्ति मंगलवार सुबह 10 बजे तक बहाल कर दी गई।

ज्यादातर क्षेत्रों में देर शाम तक आंधी से आई खराबी को दूर करने व आपूर्ति बहाल करने का सिलसिला जारी रहा। विद्युत ठप होने से सबसे ज्यादा मुश्किल लोगों को पानी संकट को लेकर उठाना पड़ा। विद्युत आधारित लघु उद्योगों का कार्य भी मंगलवार को प्रभावित हुआ।  सोमवार आधी रात आयी आंधी से विद्युत विभाग को तगड़ी चपत लगी है।

अकबरपुर व टांडा विद्युत वितरण खंड में 60 से अधिक खंभे धराशायी हो गए, तो वहीं खंभों के गिरने से कई जगहों पर तार भी टूट गए। टांडा व अकबरपुर विद्युत उपकेंद्रों में भी गड़बड़ी आई। आधी रात के बाद जब मौसम ने करवट लेना शुरु किया तभी विद्युत विभाग ने एहतियातन आपूर्ति ठप कर दी।

लगभग आधे घंटे तक चली आंधी थमी तो विद्युत विभाग के तमाम एहतियात के बाद भी आपूर्ति व्यवस्था छिन्न भिन्न हो गई। कारण कि जहां तहां खंभे व तार क्षतिग्रस्त होने के साथ ही विद्युत उपकेन्द्रों ने भी जवाब दे दिया।  अकबरपुर नगर के टाउन उपकेंद्र से होने वाली विद्युत आपूर्ति से जुड़े ज्यादातर उपभोक्ताओं को पूरी रात बिजली नहीं मिली।

इसमें नगर के तीन चौथाई हिस्से के अलावा दर्जनों गांव भी शामिल हैं। उधर मरैला विद्युत उपकेन्द्र से होने वाली आपूर्ति से जुड़े अकबरपुर नगर के कई मोहल्लों में देररात आपूर्ति बहाल तो हुई, लेकिन वह भी टिक नहीं पायी। नतीजा यह रहा कि लगभग पूरा शहर पूरी रात अंधेरे में ही डूबा रहा।

मरैला, जाफरगंज, बेवाना व बैरमपुर बरवां उपकेन्द्र से जुड़े गांवों का भी यही हाल रहा। जिला मुख्यालय के बसखारी रोड से जुड़े उपभोक्ताओं की विद्युत आपूर्ति जहां मंगलवार की सुबह बहाल हो पायी, वहीं अन्य क्षेत्र के उपभोक्ताओं को सुबह 10 बजे तक बिजली मिल सकी।

भीटी में आंधी के बाद उपकेन्द्र के सभी तीन फीडर ठप पड़ गए। सुबह कुछ समय के लिए बिजली आयी, लेकिन टिक नहीं सकी। आलापुर के रामनगर उपकेन्द्र से जुड़े लगभग 250 गांव पूरी रात अंधेरे में डूबे रहे। यहां शाम 4 बजे तक विद्युत आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी।

जलालपुर के शहरी क्षेत्र से लेकर ग्रामीण क्षेत्र में ज्यादातर उपभोक्ताओं को पूरी रात बिजली नहीं मिली पायी। यही स्थिति टांडा तहसील क्षेत्र की भी रही। पूरे जिले में जिस तरह आपूर्ति का संकट उत्पन्न हुआ, उससे लगभग 10 लाख की आबादी को पूरी रात अंधेरे में ही गुजारना पड़ा। 
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