अंबेडकरनगर। कोरोना की तीसरी लहर से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने जरूरी तैयारियां तेज कर दी हैं। शासन के दिशा निर्देशानुसार जिले में तीन मातृ शिशु विंग में 30-30 बेड के कोविड अस्पताल की स्थापना की गई है। जरूरत पड़ने पर इसे बढ़ाकर 50-50 बेड कर दिया जाएगा। नए कोविड अस्पताल में जरूरी तैयारियां सुनिश्चित हो सकें, इसके लिए जिलाधिकारी सैमुअल पॉल एन ने जिम्मेदारों को जरूरी दिशा निर्देश दिए हैं। मंगलवार को उन्होंने नगपुर सीएचसी पहुंचकर नए कोविड अस्पताल का जायजा लिया। जिम्मेदारों को निर्देशित करते हुए कहा कि समय रहते सभी जरूरी तैयारियां पूरी कर ली जाएं। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।
कोरोना को फैलने से रोकने व संभावित तीसरी लहर से निपटने के लिए प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। जिले में मौजूदा समय में चार कोविड अस्पताल संचालित हैं। इसमें राजकीय मेडिकल कॉलेज सद्दरपुर में 300 बेड, जिला अस्पताल में 40 बेड, मातृ शिशु विंग टांडा में 168 बेड व मातृ शिशु विंग जलालपुर में 30 बेड के कोविड अस्पताल संचालित हैं।
इन अस्पतालों में कोरोना संक्रमितों का सुचारु रूप से इलाज चल रहा है। इस बीच कोविड महामारी की संभावित तीसरी लहर को देखते हुए जिले के तीन मातृ शिशु विंग में 30-30 बेड के नए कोविड अस्पताल की स्थापना की गई है। इसमें मातृ शिशु विंग भीटी में 30 बेड, मातृ शिशु विंग भियांव में 30 बेड व मातृ शिशु विंग टांडा में 30 बेड के कोविड अस्पताल स्थापित किए गए हैं। इन अस्पतालों में सभी जरूरी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
सीएमओ डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि कोरोना की संभावित तीसरी लहर को देखते हुए 30-30 बेड के तीन नए कोविड अस्पतालों की स्थापना की गई है। बताया कि आवश्यकता पड़ने पर बेडों की संख्या बढ़ाकर 50 कर दी जाएगी। इस बीच डीएम ने नगपुर सीएचसी परिसर स्थित मातृ शिशु विंग में नए बने कोविड अस्पताल का जायजा लिया। उन्होंने जिम्मेदारों को निर्देशित करते हुए कहा कि समय रहते सभी जरूरी तैयारियां पूरी कर ली जाएं। चेतावनी देते हुए कहा कि यदि किसी भी प्रकार की लापरवाही सामने आई, तो जांच कर संबंधित के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।