जिले के लगभग सवा तीन लाख पात्र गृहस्थी व अन्त्योदय कार्डधारकों पर जांच की तलवार लटक गई है। अब नए सिरे से पात्रों का सत्यापन होगा। राशनकार्डों के सत्यापन में अपात्र पाए जाने वाले लोगों से बाजार मूल्य से ढाई गुना अधिक धनराशि की वसूली भी होगी। इस निर्देश के बाद संबंधित राशनकार्डधारकों में हड़कंप का माहौल है।
प्रदेश सरकार ने अब पात्र गृहस्थी व अंत्योदय राशन कार्डधारकों पर भी शिकंजा कस दिया है। शासन ने अब ऐसे कार्डधारकों का नए सिरे से सत्यापन कराए जाने का निर्णय लिया है। जिले में पात्र गृहस्थी के 2 लाख 75 हजार 213, जबकि 85 हजार 967 अंत्योदय कार्डधारक हैं।
पात्र गृहस्थी कार्डधारकों को प्रति यूनिट दो रुपये की दर से तीन किग्रा गेहूं व तीन रुपये की दर से दो किग्रा चावल दिया जाता है। इसी प्रकार अंत्योदय कार्डधारकों को 40 रुपये में 20 किग्रा गेहूं व 45 रुपये में 15 किग्रा चावल उपलब्ध कराया जाता है।
प्रमुख सचिव खाद्य एवं रसद राहुल भटनागर द्वारा पात्र गृहस्थी व अंत्योदय कार्डधारकों के नए सिरे से सत्यापन किए जाने संबंधित पत्र एक दिन पहले यहां प्राप्त हुआ। जिला प्रशासन व खाद्य विभाग के अधिकारियों के पास पहुंचे पत्र में कहा गया कि सत्यापन में जो भी अपात्र पाया जाए, उससे अब तक लिए गए खाद्यान्न के बदले बाजार मूल्य से ढाई गुना अधिक धनराशि की वसूली की जाए।
निर्देश में यह भी कहा गया कि कार्डधारकों के सत्यापन कार्य में लेखपाल, सेक्रेटरी आंगनबाड़ी कार्यकत्री व आशा बहुओं को लगाया जाए। इसमें आयकर दाता, ट्रैक्टर, रोटावेटर व हार्वेस्टर मालिक, एसी, चार पहिया वाहन, परिवार में सरकारी नौकरी करने वाला कोई भी सदस्य पात्र नही माना जाएगा।
परिवार के किसी भी सदस्य को पेंशन मिलने वाले व्यक्ति, पांच एकड़ भूमि के मालिक, ग्रामीण क्षेत्र में 2 लाख वार्षिक परिवार की आय, जबकि शहरी क्षेत्र में 3 लाख वार्षिक आय, शस्त्र लाइसेंसधारक राशनकार्ड के पात्र नहीं होंगे।
क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी सुरेश कुमार सरोज ने बताया शासन के निर्देशानुसार पात्र गृहस्थी व अन्त्योदय कार्डधारकों के सत्यापन का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। इसके लिए एक दो दिन में संबंधित कर्मचारियों को विशेष प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।अपात्र पाए जाने वालों से शासन के निर्देशानुसार रिकवरी की जाएगी।