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ट्रेन हादसे में तीन और की मौत

Mon, 21 Nov 2016 10:03 PM IST
अमर उजाला/अंबेडकरनगर
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अंबेडकरनगर के पलई कल्यानपुर गांव में विलाप करते दिवंगत फतेहबहादुर के परिजन - फोटो : अमर उजाला
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कानपुर के निकट पुखरायां में हुए ट्रेन हादसे में जिले के मृतकों की  संख्या बढ़कर पांच हो गई है।सम्मनपुर थाना क्षेत्र के पलई कल्यानपुर गांव निवासी युवा दंपती की मौत के बाद उनके साथ यात्रा कर रहे चचेरे मौसा भी  जीवित सामने नहीं आए।उनके शव की पहचान गांव से गए परिवारीजनों ने की।
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उधर बेवाना थाना क्षेत्र के अहलादे गांव निवासिनी एक वृद्घ महिला व उसके पौत्र की भी मौत ट्रेन हादसे में हो गई।  गौरतलब है कि इंदौर से पटना जा रही राजेन्द्रनगर एक्सप्रेस ट्रेन  रविवार तड़के कानपुर देहात के नजदीक पुखरायां स्टेशन के पास भीषण हादसे का  शिकार हो गई।

इसमें सवा सौ से अधिक यात्रियों की जान चली गई, जबकि 200 से  अधिक यात्री घायल हो गए। इस भयावाह हादसे का बड़ा प्रभाव अंबेडकरनगर जनपद  पर भी पड़ा है। कारण यह कि यहां के पांच यात्रियों की जान चली गई, जबकि दो  घायल हो गए।
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जानकारी के मुताबिक नवासे पर रह रहे सम्मनपुर थाना क्षेत्र के  पलई कल्यानपुर गांव निवासी सोनू विश्वकर्मा 26 वर्ष, पत्नी मालती 24 वर्ष,  पुत्री सृष्टि 3 वर्ष तथा छोटे भाई मोनू 21 वर्ष के साथ ट्रेन पर इंदौर  स्टेशन से सवार हुए थे। उनके साथ पलई कल्यानपुर गांव निवासी चचेरे मौसा  फतेहबहादुर 60 वर्ष भी शामिल थे।

पांचों लोग एस वन, व एस टू कोच में सवार  थे। रविवार तड़के हुए हादसे में सोनू व उनकी पत्नी मालती की मौत हो गई,  जबकि मोनू व सृष्टि घायल हो गए। घटना के बाद फतेहबहादुर का कोई सुराग नहीं  लग पा रहा था। कानपुर के अस्पताल में इलाज करा रहे मोनू  ने बताया कि उन्होंने अपने भाई व भाभी को आंखों के सामने दम तोड़ते देखा।

 बताया कि वह और सृष्टि एस टू कोच में थे, जबकि भाई व भाभी एस वन कोच में  थे। शाम तक फतेेहबहादुर भी एस वन कोच में थे, लेकिन खाना खाने के बाद वे भी  एस टू कोच में चले आए। इसी के बाद भोर में हादसा ही हो गया।

घटना की  जानकारी मिलने के बाद रविवार सुबह 5 बजे गांव से पंकज, सेवाराम, निसार अहमद  व प्रदीप निजी वाहन से कानपुर के लिए निकल गए, तो रविवार अपराह्न  वेदप्रकाश, रामसूरत व रामकीर्ति भी गांव से कानपुर के लिए रवाना हुए।

 सोमवार दिन में फतेहबहादुर का शव भी वहां गए ग्रामीणों व परिजनों ने पहचान  लिया।उधर एक ही गांव के ही तीन तीन लोगों की मौत से परिवारीजनों व  ग्रामीणों में कोहराम मच गया है। लोगों को ढाढ़ंस बधाना मुश्किल हो रहा है।

 रविवार सुबह से ही रिश्तेदारों व स्थानीय लोगों के गांव पहुंचने का क्रम  बना हुआ है। उधर बेवाना थाना क्षेत्र के अहलादे गांव निवासिनी शकुंतला देवी 70 वर्ष व उनके 27 वर्षीय पौत्र विनय पाठक ने भी ट्रेन हादसे में दम तोड़ दिया।

अहलादे निवासी निजी चिकित्सक रामसागर पाठक की मां शकुंतला देवी व भतीजा विनय पाठक इंदौर एक्सप्रेस ट्रेन से ही अकबरपुर आ रहे थे। हादसे के घंटों बाद तक उनका पता नहीं चला। बाद में निधन की ही खबर सामने आई।

इन दोनों की मौत से भी परिवार में कोहराम मचा हुआ है। सोमवार देर शाम तक शव गांव नहीं पहुंच सका था, लेकिन एसओ बेवाना टीपी वर्मा ने बताया कि अहलादे गांव निवासी एक महिला व एक युवक की मौत ट्रेन हादसे में हुई है।
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