अंबेडकरनगर। सीसीटीवी कैमरे के जरिए निगरानी शुरू होते ही जिला अस्पताल में नई तरह की मनमानी सामने आ गई। पहले तो चिकित्सक सीसीटीवी कैमरे ही लगवाने को तैयार नहीं थे। निदेशक की फटकार के बाद कैमरे लगे तो अब एक ही कक्ष में तीन-तीन चिकित्सकों ने बैठकर इलाज शुरू कर दिया। ऐसे में ओपीडी के बाहर खासी भीड़ जमा हो गई। इस व्यवस्था से बुधवार को मरीजों को परेशानी उठानी पड़ी।
ओपीडी में चिकित्सकों की मनमानी रोकने के लिए बीते दिनों ही परामर्श कक्ष के भीतर सीसीटीवी कैमरे लगवाए जाने का निर्देश दिया गया। इसका ठीक से पालन यहां नहीं हो पा रहा था। इस पर निदेशक स्वास्थ्य को फोन करना पड़ा। इसमें खुलासा हुआ कि जिला अस्पताल के चिकित्सक सीसीटीवी कैमरा लगवाने का सामूहिक विरोध कर रहे हैं। सीएमएस द्वारा यह जानकारी दिए जाने के बाद ही निदेशक ने उन्हें फोन पर ही कड़ी फटकार लगाई और तत्काल प्रभाव से सभी परामर्श कक्ष के भीतर कैमरे लगवाने की सख्त हिदायत दी।
इस पर कैमरे तो लग गए लेकिन अब नई तरह की मनमानी सामने आई है। अब तक जिला अस्पताल में चार फिजीशियन तीन कक्ष में बैठकर मरीजों को देखते रहे हैं। यहां फिजीशियन से परामर्श लेने के लिए ही सबसे ज्यादा मरीज पहुंचते हैं। तीन कक्ष में फिजीशियन द्वारा मरीजों को परामर्श देने पर मरीजों व तीमारदारों दोनों को सुविधा हो रही थी। अब सीसीटीवी कैमरे से निगरानी होते ही एक ही कक्ष में बैठकर तीन फिजीशियन ने परामर्श देना शुरू किया।
डॉ. विवेक, डॉ. मनोज शुक्ल व डॉ. योगेश एक ही कक्ष में बैठे दिखे। इससे मरीजों को काफी असुविधा का सामना करना पड़ा। तीन अलग-अलग कक्ष में चिकित्सकों के रहने पर बुधवार को मरीज व तीमारदार दोनों परेशान नजर आए।
दावे के विपरीत मिली व्यवस्था
जिला अस्पताल प्रशासन ने बुधवार को बताया कि फिजीशियन के एक कक्ष में ही सीसीटीवी कैमरा लगने का निर्देश है। इसलिए अब दो दो फिजीशियन की प्रत्येक दिन रोस्टर वाइज ड्यूटी लगा दी गई है। इसे तत्काल प्रभावी बना दिया गया है। उधर इस दावे के विपरीत एक कक्ष में तीन चिकित्सक बैठे दिखाई दिए। इस पर जब फिर से अस्पताल प्रशासन से सवाल हुआ तो कहा गया कि ड्यूटी दो चिकित्सक की ही लगी थी। एक चिकित्सक जनहित में जाकर बैठ गए।
सुचारु ढंग से होगा इलाज
एक कक्ष में अब दो फिजीशियन प्रतिदिन रोस्टरवाइज ड्यूटी करेंगे। बुधवार को तीन चिकित्सक इसलिए हो गए थे क्योंकि एक चिकित्सक आन कॉल ड्यूटी पर पहुंच गए थे। मरीजों को कोई दिक्कत नहीं होने पाएगी। उनका सुचारू उपचार होगा। - डॉ. ओमप्रकाश, सीएमएस