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Ambedkar Nagar News: संस्थागत प्रसव में जिले के तीन ब्लॉक प्रदेश के टॉप-20 में

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सीएचसी टांडा का भवन। संवाद
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अंबेडकरनगर। गर्भवती महिलाओं को अस्पताल में प्रसव की सुविधा उपलब्ध कराने के मामले में जिले के तीन आकांक्षी ब्लॉकों ने प्रदेश स्तर पर बेहतर प्रदर्शन किया है। भीटी, भियांव और टांडा ब्लॉक ने संस्थागत प्रसव के क्षेत्र में प्रदेश के टॉप-20 ब्लॉकों में जगह बनाई है। इस उपलब्धि को सुरक्षित मातृत्व की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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प्रदेश सरकार ने जिले के भीटी, भियांव और टांडा को आकांक्षी ब्लॉकों की सूची में शामिल किया है। इन क्षेत्रों में स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने के साथ ही विकास कार्यों की नियमित निगरानी की जा रही है। संस्थागत प्रसव के मामले में तीनों ब्लॉकों का प्रदेश की शीर्ष-20 सूची में शामिल होना स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने के प्रयासों के लिए अहम है।
संस्थागत प्रसव से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद मिलती है। अस्पताल में प्रसव होने पर गर्भवती महिलाओं को प्रशिक्षित चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों की देखरेख मिलती है। प्रसव के दौरान अत्यधिक रक्तस्राव, उच्च रक्तचाप या अन्य जटिलताएं होने पर तत्काल उपचार उपलब्ध कराया जा सकता है। इससे मां और नवजात के जीवन पर मंडराने वाले खतरे को कम करने में मदद मिलती है।
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इस दिशा में आशा कार्यकर्ताओं और एएनएम की भूमिका भी महत्वपूर्ण है। गर्भवती महिलाओं का समय पर पंजीकरण, नियमित प्रसव पूर्व जांच, जोखिम वाली गर्भावस्था की पहचान और प्रसव के लिए अस्पताल पहुंचाने की तैयारी सुरक्षित मातृत्व के प्रमुख आधार हैं। स्वास्थ्य विभाग का जोर गर्भवती महिलाओं को समय से स्वास्थ्य केंद्रों तक पहुंचाने और संस्थागत प्रसव के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर है।
सुरक्षित मातृत्व के लिए संस्थागत प्रसव जरूरी
अस्पताल में प्रसव होने से प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों की निगरानी, आपात स्थिति में तत्काल उपचार, नवजात की जन्म के बाद आवश्यक जांच और देखभाल की सुविधा मिलती है। गंभीर मामलों में मरीज को उच्च स्वास्थ्य केंद्र पर रेफर करना भी आसान होता है। ऐसे में संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देना मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के प्रयासों का अहम हिस्सा है।
प्रदेश के टॉप-20 में स्थान मिलना उत्साहजनक है, लेकिन इस प्रदर्शन को लगातार बनाए रखना भी चुनौती है। इसके लिए स्वास्थ्य केंद्रों पर पर्याप्त स्टाफ को लगातार निर्देशित किया जाता है। इसके साथ ही अन्य कार्यक्रमों में बेहतर प्रदर्शन किए जा रहे हैं।
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- डॉ. प्रमोद कुमार, सीएमओ
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