दहेज हत्या के मामले में जनपद न्यायाधीश ने पति समेत तीन आरोपियों को दस-दस वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। आरोपियों पर अर्थदंड भी लगाया गया है।
बताते चलें कि रायबरेली के गदागंज थाना अंतर्गत हरदो निवासी राजेश कुमार ने 18 मार्च 2006 को अकबरपुर थाने में प्रार्थनापत्र देकर बताया था कि उसकी पुत्री राखी का विवाह देवेंद्र कुमार तिवारी पुत्र लक्ष्मीशंकर तिवारी के साथ हुआ था।
राखी को दहेज के लिए प्रताड़ित किया जाता था। इसी के चलते जहर देकर राखी की हत्या कर दी गई। पुलिस ने मामले में ससुर लक्ष्मीशंकर तिवारी व पति समेत चार लोगों के विरुद्घ केस दर्ज कराया था। मामले में विचारण के दौरान ही लक्ष्मीशंकर की मौत हो गई।
पुलिस ने पति देवेंद्र, सास मिथिलेश व देवर अंकित के विरुद्घ चार्जशीट दाखिल की थी। सत्र परीक्षण के दौरान जनपद न्यायाधीश डॉ. गोकुलेश ने पति समेत तीनों आरोपियों को दोषी पाया और उन्हें दस-दस वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। वहीं, दहेज उत्पीड़न के मामले में दो-दो वर्ष के कारावास की सजा के साथ ही तीन-तीन हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।