नगर क्षेत्र के उस्मापुर मोहल्ले में डेंगू रोग के प्रकोप ने हड़कंप मचा दिया है। पांच दिन के भीतर एक मासूम समेत दो की मौत तथा एक दर्जन से अधिक लोगों के बीमार होने से मोहल्ले के लोग दहशत में हैं। दरअसल लगभग 10 दिन पहले भी एक महिला की मौत हो गई थी। मोहल्ले में सभी लोग इन मौतों को डेंगू रोग का परिणाम बता रहे हैं।
तीन-तीन मौत की खबर सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया और रविवार शाम नगपुर सीएचसी प्रभारी के नेतृत्व में चिकित्सकों व कर्मचारियों की टीम संबंधित मोहल्ले में पहुंची और आवश्यक छानबीन की। चिकित्सकों के अनुसार मौत डेंगू से नहीं बल्कि जापानी इंसेफेलाइटिस से हुई है। नगर के उसमापुर मोहल्ले में डेंगू रोग का खौफ साफ दिखाई पड़ रहा है।
दरअसल लगभग एक पखवारे पूर्व उसमापुर निवासी सनी (17) को डेंगू रोग हो जाने का मामला सामने आया था। केजीएमयू लखनऊ में कराई गई जांच में रोग की पुष्टि हुई थी। इसकी जानकारी मोहल्ले में लगभग सभी लोगों को हो गई थी। लोगों ने एहतियात बरतना शुरू किया था कि 22 अगस्त को मोहल्ले के राधेश्याम की पत्नी सरिता (50) ने दम तोड़ दिया।
इसके बाद 31 अगस्त को सैय्यदा खातून (55) पत्नी मोहम्मद अहमद तथा दो दिन बाद ही 2 सितंबर को मोहल्ला निवासी फिरोज खान की तीन वर्षीय पुत्री अमीरा की मौत हो गई। एक-एक कर तीन लोगों की मौत ने उसमापुर मोहल्ले में डेंगू रोग को लेकर खौफ पैदा कर दिया। ऐसा इसलिए क्योंकि मोहल्ले के कई और लोग बुखार आदि से पीड़ित चल रहे थे।
इस बीच रविवार को एक पखवारे के भीतर तीन मौत होने की खबर सामने आयी तो स्वास्थ्य महकमा हरकत में आ गया। सीएमओ डॉ. जीआर चंद्रा ने दूरभाष पर सीएचसी प्रभारी डॉ. अतीक आलम से वार्ता की और आवश्यक फीडबैक लिया। इसके बाद उन्होंने डॉ. अजहर व डॉ. वीएन मिश्र समेत कर्मचारियों की टीम को साथ लिया और रविवार शाम संबंधित मोहल्ले में पहुंच गए।
वहां उन्होंने संबंधित परिवारीजनों से मुलाकात की और उनसे इलाज के सभी कागजात लेकर गहन पड़ताल की। इसमें सैय्यदा के परिवारीजन इलाज का कोई कागजात नहीं दिखा सके जबकि सरिता व अमीरा के परिवारीजनों ने लखनऊ में हुए इलाज के कागजात व जांच रिपोर्ट आदि दिखाई।
चिकित्सकों की टीम ने मोहल्ले में पीड़ित एक-एक लोगों के घर जाकर पूरी गहनता से छानबीन की और उनकी जांच रिपोर्ट देखी। उस्मापुर मोहल्ले में कई लोग तेज बुखार से पीड़ित हैं। इनमें धर्मा (65) पत्नी रामजीत, ब्यूटी (16) पुत्री राजेश कुमार, कृष्णावती (55) पत्नी राधेश्याम, गरिमा (15) व रूपा (14) पुत्री मंशाराम आदि शामिल हैं।
सीएचसी प्रभारी ने बताया कि इन सभी के रक्त आदि की आवश्यक जांच कराई जाएगी, और सभी का समुचित इलाज सुनिश्चित किया जाएगा। जिला मुख्यालय के शहजादपुर में दो पड़ोसी युवक डेंगू से पीड़ित हो गए। जानकारी के अनुसार शहजादपुर कोल्ड स्टोरेज के निकट रहने वाले अनिरुद्ध मिश्र के रिश्तेदार रत्नाकर दुबे (28) डेंगू के चपेट में आ गए।
रत्नाकर लंबे समय से अनिरुद्ध के साथ ही रह रहे हैं। अनिरुद्ध ने बताया कि डेंगू से पीड़ित होने पर उन्हें शनिवार को डॉ. राममनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती करा दिया गया है। वहां उनकी प्लेटलेट्स 45 हजार के करीब है। अनिरुद्ध के ही पड़ोसी विन्देश्वरी सिंह का 22 वर्षीय पुत्र शिवम भी डेंगू की चपेट में आ गया है।
उसके पारिवारिक सदस्य अधिवक्ता विशाल सिंह ने बताया कि लखनऊ के कमांड हास्पिटल में इलाज हो रहा है। इलाज के बाद प्लेटलेट्स 80 हजार पहुंच गया है। नगपुर सीएचसी प्रभारी डॉ, अतीक आलम ने बताया कि डेंगू से कोई मौत नहीं हुई है। अमीरा व सैय्यदा की मौत जापानी इंसेफेलाइटिस से हुई है।
मोहल्ले में कई और लोग भी पीड़ित हैं। कुछ लोगों को डेंगू जरूर हुआ है लेकिन स्थिति नियंत्रण में है। उधर, सीएमओ डॉ. जीआर चंद्रा ने बताया कि स्वास्थ्य टीम को उस्मापुर में कैंप करा दिया गया है। स्वयं वहां का जायजा लूंगा, जो भी आवश्यक जरूरत होगी, वह सब मुहैया कराई जाएगी।