दरअसल इनके निर्माण के लिए अब तक पात्रों को धन ही उपलब्ध नहीं कराया गया। धन कब उपलब्ध होगा यह जानने के लिए पात्र लगातार अधिकारियों के कार्यालय का चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उन्हें इसकी जानकारी नहीं दी जा रही है।
जिले में केंद्र सरकार द्वारा चलाई जा रही निर्मल भारत अभियान योजना धराशायी होकर रह गई है।
योजना के तहत चयनित पात्रों को प्रसाधन के निर्माण के लिए 12 हजार रुपये उपलब्ध कराए जाने का प्राविधान है। पूर्व में इनके निर्माण में मनरेगा व निर्मल भारत अभियान का योगदान रहता था, लेकिन बाद में शासन ने इसके निर्माण की जिम्मेदारी पूरी तरह से निर्मल भारत अभियान के तहत सौंप दी।
वर्ष 2015-16 के लिए योजना के तहत जिले के चार विकास खण्डों अकबरपुर, बसखारी, रामनगर व भीटी में कुल 1 हजार 681 पात्रों का चयन किया गया। इसमें बीपीएल कार्डधारक 903, अनुसूचित जाति के 163, लघु सीमांत किसान के 332, भूमिहीन खेतिहर मजदूर के 170, निशक्त के 21 व महिला मुखिया के 92 पात्र शामिल हैं।
विभागीय आंकड़ों के मुताबिक बसखारी विकास खण्ड में जमऊ पुर में 98, जैनुद्दीनपुर में 313, मेढ़ी सुलेमपुर में 317, टड़वा मिश्र में 115, रामनगर विकास खण्ड में लखीमपुर में 131, हुसेनपुर मुसलमान में 300, भीटी विकास खण्ड के बेला में 145 तथा अकबरपुर विकास खण्ड में अमोली मोहिउद्दीनपुर में 262 पात्रों का चयन किया गया है।
वित्तीय वर्ष के 8 माह गुजरने के बाद भी चयनित पात्रों के प्रसाधनों का निर्माण प्रारंभ नहीं हो सका है। कारण यह कि शासन से अब तक इनके निर्माण के लिए संबंधित पात्रों को धनराशि ही उपलब्ध नहीं कराया जा सका है। चयनित पात्र संबंधित अधिकारियों के कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उन्हें इस संबंध में जानकारी देने वाला कोई नहीं है।
डीपीआरओ अनिल कुमार सिंह ने बताया कि धनराशि उपलब्ध होते ही उसे पात्रों के खाते में भेज दी जाएगी।आवश्यक प्रक्रिया चल रही है।