अकबरपुर बस स्टेशन को भी नए ठौर की जरूरत है। स्थान की कमी होने से अधिकतर बसें भी स्टैंड के बाहर ही खड़ी रहती हैं। वहीं, आसपास बेतरतीब वाहन खड़े होने से लोग घंटों जाम में फंस जूझने को मजबूर हैं। अब प्रदेश सरकार बजट पेश करने जा रही है।
लोगों का कहना है कि बीते दो साल में जिले को बजट में महत्व नहीं दिया गया। इस बार शायद बाइपास पास हो जाए। 12 फरवरी को प्रदेश की सपा सरकार सालाना बजट प्रस्तुत करने जा रही है। बीते दो वर्षों में जिस प्रकार से बजट में जिले के उपेक्षा की गई, उसे देखते हुए आने वाले बजट से जनपदवासियों को बहुत अधिक उम्मीदें नहीं हैं।
कारण यह कि विगत दो वर्षों में प्रदेश सरकार ने जो बजट प्रस्तुत किया था, उसमें जनपदवासियों को उम्मीद थी कि जिला मुख्यालय के लिए नासूर बनती जा रही जाम की समस्या को दूर करने के लिए बाइपास या रिंगरोड की घोषणा की जाएगी। पर ऐसा नहीं हो सका। नतीजा, जाम की समस्या दिन प्रतिदिन विकराल रूप लेती जा रही है।
अकबरपुर बस स्टेशन लंबे से उपेक्षा का शिकार होकर रह गया है। स्थानाभाव के कारण अधिकतर बसें परिसर के बाहर सड़क के किनारे खड़ी होती हैं। इससे बस स्टेशन क्षेत्र में जाम की समस्या और भी बढ़ जाती है। लंबे समय से बस स्टेशन को स्थानांतरित किए जाने की मांग की जा रही है।
जिला मुख्यालय के अकबरपुर टांडा मार्ग, अकबरपुर इल्तिफातगंज मार्ग, अकबरपुर दोस्तपुर मार्ग, अकबरपुर मालीपुर मार्ग सहित एक दर्जन से अधिक संपर्क मार्ग बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। इन्हें दुरुस्त कराने की मांग लंबे समय से की जा रही है, लेकिन सिर्फ आश्वासन ही दिया जा रहा है।
नतीजा यह है कि इन मार्गों पर चलना लोगों के लिए दूभर हो गया है। आए दिन सड़क दुर्घटनाएं होती हैं, लेकिन प्रदेश सरकार इनके निर्माण के लिए बजट में कोई स्थान अब तक नहीं दे सकी। आगामी बजट से लोगों किसी प्रकार की उम्मीद नहीं है। शिक्षिका सरोज ने कहा कि जिले में बालिकाओं की शिक्षा के विद्यालय की आवश्यकता है।
प्रदेश सरकार को इस तरफ ध्यान देना चाहिए, पर ऐसा हो नहीं रहा है। एमए की छात्रा शीबा ने कहा कि जिला मुख्यालय पर लगने वाले जाम की समस्या को दूर करने के लिए न सिर्फ बाइपास का निर्माण कराना चाहिए, बल्कि कम से दो फ्लाईओवर का निर्माण कराना चाहिए।
व्यवसायी डॉ. इंद्रजीत ने कहा कि बीते दो बजटों में तो प्रदेश सरकार ने कुछ दिया नहीं, ऐसे में इस बजट से बहुत उम्मीद नहीं है। विद्यालय प्रबंधक राजेंद्र वर्मा ने कहा कि सड़कें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हैं। इन्हें दुरुस्त कराए जाने के लिए आवश्यक कदम सरकार को उठाना चाहिए।