केदारनगर। तहसील क्षेत्र टांडा के मीठेपुर लखमीपुर गांव के बीच थिरुआ नाले पर निर्माणाधीन पुल का कार्य पूरा होने का नाम नहीं ले रहा है। करीब तीन वर्ष से निर्माण का कार्य चल रहा है लेकिन लापरवाही का आलम यह कि अब तक पिलर तक खड़ा नहीं हो सका है। इससे दर्जन भर गांवों की लगभग 10 हजार आबादी को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार आवाज उठायी गई लेकिन ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
गौरतलब है कि करीब तीन वर्ष पूर्व थिरुआ नाले पर मीठेपुर लखमीपुर के बीच पुल निर्माण का कार्य शुरू हुआ था। इस पुल के निर्माण से मीठेपुर ग्राम पंचायत के अचलूपुर, कमनापुर, चकभूलनपुर व लखमीपुर सहित अन्य गांवों के बाशिंदों को ग्राम प्रधान से मिलने के लिए करीब आठ से 10 किलोमीटर का चक्कर लगाना पड़ता है।
इस पुल का निर्माण हो जाने से न सिर्फ मीठेपुर ग्राम पंचायत के लोगों की मुश्किलें दूर होंगी बल्कि तुलसीपुर, सैनी का पुरवा, पिपरहवा, भगवानपुर, भुवालपुर, हकीमजोत व गिरधरामऊ आदि दर्जनों गांवों के लोगों का आवागमन आसान हो जाएगा। पुल का निर्माण हो जाने से करीब एक दर्जन गांवों के लोगों की जिला मुख्यालय के लिए आवागमन की दूरी कम हो जाएगी।
स्थानीय रोहित गौड़, मूलचंद्र श्रीवास्तव, राजेश सिंह, संदीप लाल, देवानंद तिवारी, राममूरत सिंह व रामशगुन वर्मा आदि ने जिला प्रशासन से पुल का निर्माण तेज कराए जाने की मांग की है। कहा कि पुल निर्माण में सुस्ती का खामियाजा करीब 10 हजार की आबादी को प्रतिदिन भुगतना पड़ रहा है।