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ऑपरेशन कराना है तो धागा खरीदकर लाओ

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फोटो-10, अंबेडकरनगर जिला अस्पताल में महिला आपरेशन कक्ष में विक्रिल धागा न होने से परेशान मरीज। - फोटो : AMBEDKAR NAGAR
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अंबेडकरनगर। जिला अस्पताल में इलाज कराना कितना कठिन है, यह नई बात नहीं है। आए दिन कोई न कोई समस्या मुंह बाए खड़ी रहती है। इन दिनों भी यहां अव्यवस्थाओं का बोलबाला है। मसलन, यदि ऑपरेशन कराना है तो पहले विक्रिन धागा लेकर आओ। बगैर धागा लाए ऑपरेशन संभव नहीं है। यह निर्देश बीते चार दिनों से जिला अस्पताल में ऑपरेशन के लिए पहुंची प्रसव पीड़िताओं के तीमारदारों को दिया जा रहा है। दरअसल, बीते चार दिन से जिला अस्पताल स्थित लेबर रूम में धागा समाप्त हो चुका है।
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ऐसे में ऑपरेेशन से पहले तीमारदारों को बाहर से धागा ले जाने को मजबूर होना पड़ रहा है। इसके अलावा वार्ड दो में जलापूर्ति के लिए लगे पाइप की टोटी बीते एक सप्ताह से क्षतिग्रस्त है। पानी का रिसाव रोकने के लिए उसमें कपड़ा ठूंस दिया गया है। इसके चलते पेयजल के लिए मरीजों व तीमारदारों को इधर-उधर भटकने को मजबूर होना पड़ रहा है। अस्पताल परिसर में सफाई व्यवस्था भी बेपटरी हो गई है। इससे मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। तमाम शिकायतों के बावजूद अस्पताल प्रशासन व्यवस्था सुधार के लिए ठोस कदम नहीं उठा रहा।
जिला अस्पताल में सस्ते इलाज की उम्मीद लगाकर आने वाले मरीजों व उनके तीमारदारों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। चिकित्सकों की लेटलतीफी से मरीज परेशान रहते ही हैं। अब आपरेशन के लिए आने वाले वाली प्रसव पीड़िताओं को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। दरअसल बीते चार दिनों से लेबर रूम स्थित ऑपरेशन कक्ष में ऑपरेशन के बाद टांका लगाने के लिए विक्रिन धागा समाप्त हो चुका है। ऐसे में यदि ऐसी कोई महिला पहुंचती है, तो उसके तीमारदार को पहले बाहर से धागा लाने के लिए कहा जाता है। शनिवार को अस्पताल में मिले तीमारदार रामअधार ने कहा कि उनकी पत्नी का ऑपरेशन होना है। जब ऑपरेशन का समय आया तो उनसे कहा गया कि विक्रिन धागा नहीं है। जाओ बाहर से लेकर आओ। कहा कि परेशानी धागा खरीदकर लाने की नहीं है। परेशानी इस बात की है कि इमरजेंसी में यदि बाहर धागा न मिले तो क्या होगा।
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मरीजों की मुश्किलें यहीं तक सीमित नहीं है। वार्ड नंबर दो में विगत एक सप्ताह से जलापूर्ति के लिए पाइपलाइन में लगी टोटी क्षतिग्रस्त है। पानी का रिसाव न हो, इसके लिए कर्मचारियों ने उसमें पानी ठूंस दिया है। इससे मरीजों व उनके तीमारदारों को पेयजल के लिए इधर उधर भटकने को मजबूर होना पड़ रहा है। अस्पताल परिसर में साफ सफाई व्यवस्था भी पूरी तरह बेपटरी हो गई है। मुख्य गेट से लेकर भवन के अंदर तक जगह जगह गंदगी पसरी हुई है। इससे मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है, जिससे मरीजों व उनके तीमारदारों को विभिन्न प्रकार की मुश्किलें उठानी पड़ रही है।
अकबरपुर के तीमारदार मोहम्मद इदरीस व कटेहरी के रामसूरत ने नाराजगी जताते हुए कहा कि मरीजों का सुचारु रूप से इलाज हो सके, इसे जिला अस्पताल प्रशासन सुनिश्चित नहीं कर पा रहा है। अस्पताल से पांच रुपये का मिलने वाला विक्रिन धागा तक नहीं है। इसे बाहर से मंगाया जाता है। तीमारदार दानिश व गंगाराम ने कहा कि पेयजल के साथ ही सफाई की समस्या लगातार बनी हुई है। इसकी कई बार शिकायत जिम्मेदार अधिकारियों से की गई, लेकिन गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। नतीजतन खामियाजा मरीजों व उनके तीमारदारों को भुगतना पड़ रहा है।
इलाज के लिए आने वाले मरीजों को किसी प्रकार की समस्या न हो, इसके लिए सभी ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। विक्रिन धागे के लिए निदेशालय को पत्र भेजा गया है। वार्ड दो में टूटी टोटी को दुरुस्त कराया जा रहा है।
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- डॉ. एसपी गौतम, सीएमएस
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