अंबेडकरनगर। जिला अस्पताल परिसर स्थित 300 यूनिट क्षमता वाले ब्लड बैंक में इन दिनों निगेटिव वर्ग का कोई भी ब्लड नहीं है। सोमवार को अलग-अलग निगेटिव वर्ग के खून के लिए तीमारदार इधर-उधर भटकने को मजबूर हुए। उन्हें संबंधित वर्ग के खून के लिए रिश्तेदारों या फिर निजी ब्लड बैंकों से चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
जिला अस्पताल स्थित ब्लड बैंक में खून की कमी का दौर थम नहीं रहा है। कहने को ब्लड बैंक की क्षमता 300 यूनिट की है, लेकिन शायद ही कभी ऐसा होता हो जब सभी वर्ग के ब्लड यहां उपलब्ध रहते हों। इससे अक्सर मरीजों व उनके तीमारदारों को परेशान होना पड़ता है। मौजूदा समय में निगेटिव वर्ग का कोई भी ब्लड उपलब्ध नहीं है। ब्लड बैंक कर्मियों के अनुसार ए, बी, एबी व ओ निगेटिव वर्ग के खून नहीं है। सिर्फ 66 यूनिट ब्लड ही मौके पर मौजूद है। इसमें ए पॉजीटिव सात यूनिट, बी पॉजिटिव 41 यूनिट, एबी पॉजिटिव छह यूनिट जबकि ओ पॉजिटिव 12 यूनिट मौजूद है।
सोमवार को एबी निगेटिव ब्लड के लिए भटकते मिले टांडा से आए तीमारदार राजेश ने कहा कि उनके पिता के पैर का ऑपरेशन जिला अस्पताल में होना है। ए निगेटिव वर्ग का खून यहां नहीं है। अब इसके लिए रिश्तेदारों से संपर्क करना पड़ रहा है। जलालपुर के सुमिरन ने कहा कि उन्हें बी निगेटिव खून की जरूरत थी, लेकिन नहीं मिल सका। इसी प्रकार कुछ अन्य तीमारदार भी इधर उधर भटकते मिले।
वर्जन
शीघ्र उपलब्ध कराया जाएगा ब्लड
अलग-अलग सामाजिक संस्थाओं से संपर्क किया जा रहा है। शीघ्र ही शिविर के माध्यम से ब्लड की उपलब्धता सुनिश्चित कराई जाएगी।
डॉ. एएम त्रिपाठी, ब्लड बैंक प्रभारी जिला अस्पताल