शासन में बैठे अधिकारियों से रिश्तेदारी या नजदीकी बताकर नौकरी दिलाने के नाम पर मोटी धनराशि भी लेकर भी बेरोजगारों को ठगा गया। ठगी के मामले सामने आने पर उनकी न सिर्फ शिकायत की गई बल्कि केस दर्ज करने के लिए तहरीर भी दी गई।
अच्छी शिक्षा ग्रहण करने के बाद नौकरी की तलाश में भटक रहे युवकों को कहीं से तनिक भी आस नजर आती है, तो वे बड़ी तेजी के साथ उसकी तरफ आकर्षित हो जाते हैं। उसी का लाभ उठाकर ठगी करने वाले गिरोह में शामिल लोग ऐसे युवकों को अपना शिकार बना लेते हैं।
तीन वर्ष पूर्व कटेहरी विकास खंड के मेदीपुर गांव निवासी एक युवक ने रेलवे में उच्चाधिकारियों से नजदीकी बताकर 60 से अधिक युवाओं से पांच करोड़ से अधिक की धनराशि एकत्र की थी। इसके बाद नदारद हो गया था। शिकायत हुई तो लखनऊ से आई टीम ने गांव में छापा मारा लेकिन वह हाथ नहीं लगा। लखनऊ में उसके विरुद्ध केस दर्ज हुआ। ठगी का शिकार हुए युवकों को धनराशि नहीं प्राप्त हो सकी।
बीते वर्ष ही सिंचाई विभाग में नौकरी दिलाने के लिए लिए 100 रुपये का पोस्टल आर्डर अकबरपुर नगर से सटे शिवबाबा के निकट एक गुमटी में एकत्र कराए गए थे। कुछ युवकों ने उसकी गड़बड़ी को पकड़ा। शिकायत प्रशासनिक अधिकारियों से की। एसडीएम अकबरपुर व पुलिस ने मौके पर छापा मारकर आवेदन फार्म के साथ एक युवक को गिरफ्तार किया था।
इसी तरह बीते दिनों आंगनबाड़ी व शिक्षा विभाग में भर्ती को लेकर भी करोड़ों रुपये की ठगी की गई थी, लेकिन उसमें अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा सका है। गत दिनों पुलिस भर्ती को लेकर शिक्षा जगत से जुड़े एक व्यक्ति ने अपने को डीजीपी का खास बताकर 50 से अधिक युवकों से करोड़ों रुपये की धनराशि हड़प ली।
मामला खुलने पर कुछ युवकों ने संबंधित व्यक्ति पर दबाव डालकर अपनी धनराशि वापस ले ली, लेकिन अभी भी तमाम ऐसे युवक ऐसे हैं जिन्हें उनका पैसा नहीं मिल सका।