जांच के दौरान अकेले सकरावल मोहल्ले में ही 40 से अधिक लोग डेंगू से पीड़ित पाए गए जबकि आसपास के मोहल्लों को मिलाकर कुल 63 लोग इस बीमारी से पीड़ित मिले। ये सभी निजी स्तर पर चिकित्सकों से इलाज करा रहे हैं। निजी चिकित्सकों ने इन सबको डेंगू होने की पुष्टि की है।
डीएम ने दस चिकित्सकों की टीम भेजकर टांडा के तीन वार्डों में सभी का सरकारी स्तर पर परीक्षण व आवश्यक उपचार के निर्देश दिए। इसके साथ ही मेडिकल कॉलेज व जिला अस्पताल में डेंगू पीड़ितों के लिए 24 घंटे कार्यरत वार्ड शुरू करने का निर्देश दिया है।
जानकारी के मुताबिक सकरावल पूरब मोहल्ला निवासी महबूब आलम (32) पुत्र वसीम बीते कई दिनों से बुखार से पीड़ित था। उसका प्रारंभिक इलाज नगर के एक निजी अस्पताल में चल रहा था। तबियत में सुधार न होने पर गुरुवार को परिवारीजनों ने उसे डॉ. राममनोहर लोहिया अस्पताल लखनऊ में भर्ती कराया।
यहां से उसे मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर दिया गया। शुक्रवार सुबह इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। युवक की मौत की सूचना मिलते ही परिवारीजनों में रोना पीटना मच गया। मोहल्ले के लोगों के अनुसार इससे पूर्व भी इसी मोहल्ले के चार अन्य लोगों की भी डेंगू से मौत हो चुकी है।
मोहल्लेवासियों का कहना है कि इसकी सूचना स्वास्थ्य विभाग के स्थानीय अधिकारियों के अलावा सीएमओ को भी बीते दिनों दी गई थी, लेकिन सीएमओ ने डेंगू के लक्षण होने से ही इंकार कर दिया था।
इस बीच शुक्रवार को महबूब की डेंगू से हुई मौत की सूचना मिलने पर डीएम विवेक स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ दोपहर बाद सकरावल पहुंचे और हालात का जायजा लिया। मोहल्लेवासियों ने स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही की शिकायत डीएम से की। कहा कि यदि समय रहते स्वास्थ्य विभाग द्वारा आवश्यक कदम उठाया गया होता, तो शायद इस पर अंकुश पाया जा सकता था।
डीएम ने सीएमओ को कड़ी फटकार लगाते हुए तत्काल आवश्यक कदम उठाए जाने का निर्देश दिया। डीएम ने जांच में पाया कि सकरावल मोहल्ले में ही 40 से अधिक लोग डेंगू से पीडित हैं और आसपास के मोहल्लों को मिलाकर कुल 63 लोग प्रभावित हैं।
डीएम ने इस पर सकरावल के अलावा आसपास के दो अन्य वार्डों में शनिवार से चिकित्सकों की दस सदस्यीय टीम द्वारा सघन स्वास्थ्य जांच कराए जाने का निर्देश दिया। हालांकि डीएम के पहुंचने की खबर मिलते ही स्वास्थ्य विभाग की एक टीम ने मोहल्ले में जांच शुरू कर दी।
जिलाधिकारी ने राजकीय मेडिकल कॉलेज सद्दरपुर व जिला अस्पताल में डेंगू के पीड़ित मरीजों के लिए 24 घंटे का वार्ड शुरू करने के निर्देश दिए। इसमें सभी आवश्यक सुविधाएं तत्काल प्रभाव से मुहैया कराए जाने का भी निर्देश दिया है।