पर्व को देखते हुए सोमवार को अकबरपुर स्थित तमसा नदी के तटों की साफ सफाई तो शुरू कर दी गई, लेकिन टांडा, आलापुर व श्रवणक्षेत्र स्थित घाटों की साफ सफाई की तरफ कोई कदम नहीं उठाया जा सका। इससे मंगलवार को घाटों पर पूजा अर्चना के लिए पहुंचने वाली महिलाओं को कठिनाई का सामना करना पड़ सकता है।
दीपपर्व के बाद छठ पर्व का उल्लास सोमवार से जिले के विभिन्न क्षेत्रों में दिखाई दिया। शृंगार कर महिलाओं ने सोमवार को व्रत रखा और रात में मीठी रोटी खाकर व्रत तोड़ा। इसके साथ ही छठ पर्व के मुख्य दिन मंगलवार को अस्त होते सूर्य व बुधवार सुबह उदय होते सूर्य को अर्घ्य देने व उस दौरान होने वाली विशेष पूजा अर्चना की तैयारियां एक दिन पूर्व सोमवार को ही पूर्ण कर ली गईं।
विद्युतनगर स्थित एनटीपीसी कालोनी में रहने वाली रीता देवी ने बताया कि सोमवार को व्रत रखने के बाद रात को मीठी रोटी खाकर उन्होंने व्रत तोड़ा। कहा कि छठ पूजा को लेकर आवश्यक तैयारियां दीपपर्व के दूसरे दिन से ही शुरू कर दी थी। बताया कि मंगलवार को दिनभर व्रत रखने के बाद सरयू नदी स्थित घाट पर पहुंचकर नदी के पानी में खड़े होकर अस्त होते सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा। इसके बाद घर पहुंचकर साज सजावट कर कोसी रखा जाएगा।
इसी आवास निवासिनी लक्ष्मी देवी, कृष्णा द्विवेदी व यमुना देवी ने बताया कि मंगलवार अस्त होते सूर्य को अर्घ्य देने के बाद घर पर पूरी रात रतजगा किया जाएगा और सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन होगा। बुधवार भोर में पुन: सरयू नदी के तट पर पहुंचकर नदी के पानी में खड़े होकर उदय होते सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा। इसके बाद गेहूं के आटे से बनाए गए विशेष व्यंजन को प्रसाद के रूप में लोगों में वितरण किया जाएगा।
उधर छठ पर्व के मद्देनजर तमाम मांग के बाद भी टांडा, आलापुर व श्रवणक्षेत्र स्थित घाटों की साफ सफाई सोमवार को भी नहीं कराई जा सकी। इससे मंगलवार व बुधवार को सूर्य को अघ्र्य देने के दौरान महिलाओं को कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।