ग्रामीणों ने उसे जिला अस्पताल में इलाज कराने का प्रयास किया लेकिन अभिभावक के नहीं होने पर उसे भर्ती नहीं किया गया। बाद में उसे जिला मुख्यालय स्थित एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां महिला की हालत गंभीर बनी हुई है। महिला के पति ने इसकी शिकायत सीएमओ से कर झोला छाप के खिलाफ कार्रवाई कराने की बात कही।
बसोहरी निवासी समीरुल निशां (35) पत्नी रफीउद्दीन को गुरुवार सुबह तेज बुखार था। पति गोवा में निजी कंपनी में नौकरी करता है। परिवार में पुरुष सदस्य नहीं होने पर उसने पड़ोसियों ने मदद मांगी जो उसे जोरियन कटुई चौराहा स्थित एक निजी अस्पताल ले गए।
बताया जाता है कि वहां के कथित चिकित्सक ने महिला को इंजेक्शन लगाया। उसके कुछ ही देर बाद महिला की तबियत बिगड़ने लगी। शरीर पर फफोले पड़ने लगे। हालत खराब होने पर ग्रामीण उसे लेकर जिला अस्पताल पहुंचे>
चूंकि महिला का कोई अभिभावक मौजूद नहीं था इसलिए हालत की गंभीरता को देखते हुए जिला अस्पताल प्रशासन ने उसे भर्ती नहीं किया। इस पर ग्रामीणों ने उसे जिला मुख्यालय स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है।
इस जानकारी पर महिला का पति गोवा से शनिवार दोपहर अस्पताल पहुंचा। पत्नी की गंभीर हालत को झोला छाप की लापरवाही बताया। कहा कि इसकी शिकायत सीएमओ से कर झोला झाप के खिलाफ कार्रवाई की मांग करेगा। उधर सीएमओ मेजर डॉ. बीपी सिंह ने ऐसी जानकारी होने से इनकार किया है।