संवाद न्यूज एजेंसी
अंबेडकरनगर। बसखारी इलाके में निजी अस्पताल में प्रसव के तीन दिन बाद इलाज के दौरान वंदना (32) की मौत हो गई। मृतका के पति सुनील कुमार ने अस्पताल संचालक पर गलत खून चढ़ाने और गुमराह करने के आरोप लगाए हैं। मामले में पुलिस ने छानबीन शुरू की है।
टांडा के इस्माईलपुर बेल्दहा निवासी सुनील कुमार के मुताबिक तीन अक्तूबर की सुबह वंदना को प्रसव पीड़ा होने पर बसखारी के नई बाजार स्थित निजी नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया था। ऑपरेशन के बाद डॉक्टरों ने खून की कमी बताई और रात करीब 10 बजे खून चढ़ाया गया। खून चढ़ते ही वंदना की हालत बिगड़ने लगी और वह छटपटाने लगी। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल संचालक की पत्नी ने एक इंजेक्शन लगाया, जिसके बाद वंदना पूरी तरह सुन्न हो गई। हालात गंभीर होते देख मरीज को चार अक्तूबर को गोरखपुर के निजी हॉस्पिटल रेफर किया गया।
गोरखपुर में भी पांच अक्तूबर को अस्पताल प्रबंधन ने वंदना की हालत बेहद नाजुक बताते हुए लखनऊ रेफर किया। परिजनों के अनुसार स्थिति बिगड़ने पर मरीज को अकबरपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां छह अक्तूबर की शाम करीब छह बजे वंदना की मौत हो गई। पीड़ित पति ने आरोप लगाया कि बसखारी अस्पताल में इलाज के नाम पर सिर्फ धोखा और गुमराह किया गया। इलाज में लापरवाही और धन वसूली ही होती रही। थानाध्यक्ष सुनील कुमार पांडेय ने बताया कि पीड़ित से तहरीर प्राप्त हो गई है।