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Ambedkar Nagar News: सरयू का जलस्तर 25 सेमी बढ़ा, गांवों में भरने लगा पानी

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राजेसुल्तानपुर क्षेत्र के कम्हरिया घाट के निकट बढ़ा सरयू नदी का जलस्तर। संवाद
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राजेसुल्तानपुर/विद्युतनगर (अंबेडकरनगर)। करीब एक सप्ताह तक लगातार घटने के बाद सरयू नदी के जलस्तर में रविवार को अचानक 25 सेंटीमीटर की वृद्धि दर्ज की गई। जलस्तर बढ़ने से नदी किनारे के निचले हिस्सों में फिर पानी भरने लगा है। हालांकि नदी अभी खतरे के निशान से नीचे बह रही है, लेकिन बढ़ते जलस्तर ने बाढ़ प्रभावित गांवों के ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। प्रशासन ने निगरानी बढ़ा दी है। वहीं स्वास्थ्य विभाग प्रभावित गांवों में कैंप लगाकर ग्रामीणों के स्वास्थ्य की जांच कर रहा है।
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रविवार को सरयू का जलस्तर 84.63 मीटर से बढ़कर 84.88 मीटर पहुंच गया। 24 घंटे में 25 सेंटीमीटर की वृद्धि के बाद नदी खतरे के निशान से 68 सेंटीमीटर नीचे बह रही है। जलस्तर घटने के दौरान राजेसुल्तानपुर क्षेत्र के मांझा कम्हरिया और आराजी देवारा के चार मजरे के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली थी। अब फिर पानी बढ़ने से उनकी चिंता बढ़ने लगी है।
फिलहाल नदी का पानी निचले हिस्सों तक ही सीमित है। कम्हरिया गांव निवासी लक्ष्मण निषाद और सुक्खू कन्नौजिया ने बताया कि जलस्तर बढ़ने से निचले हिस्सों में पानी भरने लगा है। नदी का जलस्तर और बढ़ा तो इसका असर आबादी वाले ऊपरी हिस्सों तक पहुंच सकता है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में वायरल फीवर और डायरिया के मामले बढ़ने के मद्देनजर स्वास्थ्य विभाग कैंप लगाकर ग्रामीणों को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करा रहा है।
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तहसीलदार पद्मेश श्रीवास्तव ने बताया कि नदी के जलस्तर में वृद्धि हुई है, लेकिन अभी यह खतरे के निशान से नीचे है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में फिलहाल गंभीर स्थिति नहीं है। राजस्व कर्मियों को लगातार निगरानी के लिए लगाया गया है।
एक दर्जन से ज्यादा गांवों में बढ़ी चिंता
टांडा तहसील क्षेत्र में भी सरयू के बढ़ते जलस्तर ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। उल्टहवा माझा, अवसानपुर, केवटला, डुहियां, महरीपुर माझा कला, माझा चिंतौरा, नैपुरा, सलोनाघाट और ढेलमऊ समेत एक दर्जन से अधिक गांव हर वर्ष बाढ़ की चपेट में आते हैं। बरसात में इन गांवों के निचले हिस्सों में पानी भरने से ग्रामीणों को आवागमन और रोजमर्रा के कामों में परेशानी होती है। बाढ़ खंड के जेई रमा ने बताया कि स्थिति को देखते हुए लगातार चौकसी बरती जा रही है। नदी के जलस्तर पर नजर रखी जा रही है और जरूरत के अनुसार कदम उठाए जाएंगे।
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