टांडा क्षेत्र में सरयू नदी में डूबा परक्यूपाइन।संवाद
राजेसुल्तानपुर (अंबेडकरनगर)। तीन दिनों तक लगातार घटने के बाद सोमवार को सरयू नदी का जलस्तर एक बार फिर बढ़ गया। महज 24 घंटे में नदी का जलस्तर 30 सेंटीमीटर बढ़ा है। इससे तटीय गांवों के किसानों की चिंताएं फिर गहरा गई हैं। हालांकि नदी अभी भी खतरे के निशान से 2.11 मीटर नीचे बह रही है।
सोमवार को सरयू नदी का जलस्तर 83.15 मीटर से बढ़कर 83.45 मीटर दर्ज किया गया। जलस्तर बढ़ने के साथ ही नदी का पानी निचले इलाकों में फैलने लगा है। मांझा क्षेत्र के कई स्थानों पर कटान भी तेज होती दिख रही है। हालांकि, अभी तक फसलों को कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ है। लेकिन तटवर्ती किसानों की निगाहें अब नदी के रुख पर टिकी हुई हैं। इसे देखते हुए बाढ़ खंड और तहसील प्रशासन ने निगरानी तेज कर दी है। कटान प्रभावित स्थलों पर बाढ़ कार्य खंड अयोध्या की ओर से जेसीबी मशीनों से तटों का समतलीकरण कराया जा रहा है। विभाग ने कटान रोकने के लिए बंबू क्रेट लगाने की तैयारी भी शुरू कर दी है।
मांझा कम्हरिया निवासी सतिराम ने बताया कि सोमवार को जलस्तर बढ़ने के बाद कुछ स्थानों पर कटान तेज हुआ है। उन्होंने कहा कि फिलहाल किसानों को कटान के अलावा कोई अन्य प्रकार का नुकसान नहीं हुआ है। लेकिन यदि नदी का जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो स्थिति गंभीर हो सकती है। बाढ़ कार्य खंड के जूनियर इंजीनियर फागू चौहान ने नदी के जलस्तर में वृद्धि दर्ज होने की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कटान वाले स्थलों पर सुरक्षा कार्य तेजी से कराया जा रहा है। जल्द ही बंबू क्रेट लगाकर तटों को सुरक्षित करने का कार्य शुरू किया जाएगा। विभाग पूरी सतर्कता के साथ हालात पर नजर बनाए हुए है।
टांडा के तटीय गांवों में बाढ़ की आशंका
फोटो- 33
विद्युतनगर। सरयू नदी के जलस्तर में वृद्धि के साथ ही टांडा तहसील के तटीय गांवों में बाढ़ की आशंका गहराने लगी है। उल्टहवा माझा, माझा कला, माझा चिंतौरा, केवटला, नसरुल्लापुर, अवसानपुर, नैपुरा, सलोनाघाट, ढेलमऊ, फूलपुर और डुहिया जैसे करीब डेढ़ दर्जन गांव इससे प्रभावित हो सकते हैं। इन सभी गांवों के लोग हालात पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और एहतियात बरतने लगे हैं। संभावित बाढ़ को देखते हुए प्रशासन ने अपनी तैयारी तेज कर दी है। बाढ़ चौकियों को सक्रिय कर तटबंधों की निगरानी भी बढ़ा दी गई है। बाढ़ खंड के अवर अभियंता धीरेंद्र कुमार ने बताया कि नदी के जलस्तर और तटबंधों की लगातार निगरानी की जा रही है। उन्होंने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। साथ ही प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करने को भी कहा है। तहसील प्रशासन के कर्मचारी भी लगातार जलस्तर की निगरानी कर रहे हैं।