राजेसुल्तानपुर (अंबेडकरनगर)। सरयू नदी का जलस्तर घटने के साथ माझा कम्हरिया व अराजी देवारा ग्राम पंचायत के छह मजरों में चारों तरफ गंदगी फैल गई है, इससे संचारी रोगों के फैलने का अंदेशा बढ़ गया है। वहीं नदी के जलस्तर में कमीं होने के बाद भी कुर्मी प्रसाद का पूरा संपर्क पर बाढ़ का पानी भरा हुआ है। इससे बृहस्पतिवार को भी नाव का संचालन जारी रहा।
सरयू नदी के जलस्तर बीते दो दिनों से घट रहा है। इससे माझा क्षेत्र के ग्रामीणों को कुछ राहत तो मिली, लेकिन अब चारों तरफ फैली गंदगी व कीचड़ से संचारी रोगों के फैलने की आशंका बढ़ गई है। माझा कम्हरिया के कल्लू का पूरा व पटपरवा के अलावा अराजी देवारा ग्राम पंचायत के करिया लोनिया का पूरा, प्रसाद कुर्मी का पूरा, हंसू का पूरा व सिद्धनाथ से बाढ़ का पानी तो घट गया लेकिन खरपतवार के सड़ने से व चारों तरफ फैली गंदगी से एक तरफ जहां दुर्गंध आ रही है तो वहीं मच्छरों का भी प्रकोप बढ़ गया है। इससे संक्रामक रोगों के फैलने की आशंका बढ़ गई है।
मौजूदा समय में संक्रामक रोगों का प्रकाेप बढ़ा है। ऐसे में गंदगी के चलते इन मजरों में बीमारी फैलने की आशंका बढ़ गई है। माझा कम्हरिया के लालजी, सुंदर, जगदंबा, हरीलाल ने कहा कि पूर्व में यहां स्वास्थ्य शिविर लगा था। अब जबकि मौजूदा समय में इसकी सख्त जरूरत है तो इसे लेकर स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से लापरवाह बना हुआ है। इसी प्रकार अराजी देवारा ग्राम पंचायत के संतराम, मेवालाल, सुखीलाल, धर्मराज ने कहा कि दर्शननगर में स्वास्थ्य शिविर था लेकिन मौजूदा समय में शिविर में कोई स्वास्थ्यकर्मी नजर ही नहीं आता।
कभी कभार कुछ देर के लिए स्वास्थ्य कर्मी आते हैं लेकिन किसी भी प्रकार की जांच नहीं करते, कुछ देर रहकर चले जाते हैं। ग्रामीणों ने शिविर लगाने के साथ साफ-सफाई व एंटी लार्वा का छिड़काव कराए जाने की मांग जिम्मेदारों से की है। उधर सीएचसी जहांगीरगंज प्रभारी डॉ. उदयचंद यादव ने बताया कि दर्शननगर में स्वास्थ्य शिविर संचालित है। सभी चिकित्सकों व अन्य कर्मचारियों को निर्देशित किया गया है कि वे गांव में जाकर ग्रामीणों के स्वास्थ्य का परीक्षण करें और दवाएं उपलब्ध कराएं।
जारी है नाव का संचालन
सरयू नदी के जलस्तर में कमीं होने के बावजूद कुर्मी प्रसाद का पूरा संपर्क मार्ग पर बृहस्पतिवार को भी बाढ़ का पानी बरकरार रहा। ऐसे में लोगों को आवागमन के लिए नाव का सहारा लेना पड़ा। मित्रसेन यादव, संतोष, धर्मेंद्र, रामआसरे, सतीराम ने कहा कि जिस स्थान पर जलभराव होता है वहां पर लंबे समय से पुल निर्माण की मांग की जा रही है। स्थानीय प्रशासन से लेकर जन प्रतिनिधियों तक से इसे लेकर शिकायत दर्ज कराई गई लेकिन ध्यान नहीं दिया गया। यदि पुल का निर्माण कर दिया जाए तो आवागमन में होने वाली समस्या दूर हो जाएगी।