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सरयू का जलस्तर खतरे के निशान से 24 सेमी. ऊपर पहुंचा

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विद्युतनगर/राजेसुल्तानपुर (अंबेडकरनगर)। सरयू नदी का पानी खतरे के लाल निशान से 24 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया है। इससे माझा क्षेत्र के ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। एक दिन पहले नदी का जलस्तर जहां लाल निशान के नीचे था वहीं रविवार को पार कर गया। जलस्तर में प्रति घंटे एक सेंटीमीटर की वृद्धि दर्ज हो रही है। टांडा नगर में जहां आबादी के निकट तक पानी हिलोरें मार रहा है, वहीं आलापुर तहसील क्षेत्र के कई गांवों के मार्गों तक पानी पहुंच गया है।
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सरयू नदी के तटवर्ती गांवों की दुश्वारियां फिर से बढ़ गई हैं। पिछले दिनों लगातार हुई बारिश व नेपाल के बैराज से पानी छोड़े जाने के चलते सरयू नदी टांडा व आलापुर तहसील क्षेत्रवासियों के लिए मुसीबत का सबब बनने लगी है। शनिवार तक जहां नदी का पानी खतरे के लाल निशान 92.73 मीटर से तीन सेंटीमीटर नीचे था, वहीं रविवार को बाढ़ प्रखंड के अधिकारियों ने बताया कि नदी का पानी अब खतरे के निशान से 24 सेंटीमीटर ऊपर 92.97 मीटर पर पहुंच गया है।
नदी के पानी में एक सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से वृद्धि हो रही है। ऐसे में आशंका जतायी जा रही है कि मांझा क्षेत्रों के निवासियों की मुश्किलें और बढ़ेंगी। टांडा के माझा उल्टहवा समेत आसपास के गांव फिर पानी से घिरने लगे हैं। बाढ़ का पानी थिरुआ पुल के पास स्थित शिव मंदिर, नगर के हनुमानगढ़ी मंदिर की सीढ़ियों व नेहरू नगर मोहल्ले तक पहुंच गया है। अवर अभियंता विकासचंद्र ने बताया कि नदी में उफान है। संवेदनशील स्थानों पर नजर रखी जा रही है। जरूरत के अनुसार ग्रामीणों की मदद की जाएगी।
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आलापुर तहसील क्षेत्र के माझा कम्हरिया व आराजी देवारा के लगभग आधा दर्जन से अधिक मजरे पखवाड़े से भर से अधिक समय तक बाढ़ के पानी से घिरे थे। बीते दिनों पानी कम होना शुरू हुआ था। ग्रामीणों की मुश्किलें कम हो रही थीं। घटते पानी से दिनचर्या सामान्य हो रही थी। इस बीच एक बार फिर से पानी आबादी की तरफ तेजी से बढ़ रहा है।
इससे आम नागरिकों के साथ ही सबसे ज्यादा मुश्किल पशुओं के चारे को लेकर खड़ी होने वाली है। दर्शननगर बंधे से प्रसाद कुर्मी का पूरा गांव जाने वाले रास्ते पर बाढ़ का पानी पहुंच गया है। स्थानीय संतोष कुमार, सतिराम, धर्मेंद्र व राधेश्याम का कहना है कि यदि दोबारा धान की फसलों में जलभराव हुआ तो फसल पूरी तरह से बर्बाद हो जाएगी।
एसडीएम टांडा दीपक वर्मा व एसडीएम आलापुर रोशनी यादव ने बताया कि नदी के जलस्तर में वृद्धि की जानकारी है। इसके चलते बाढ़ चौकियों पर कर्मचारियों की तैनाती के साथ ही चौकसी बढ़ा दी गई है। ग्रामीणों को समय रहते जरूरी मदद भी सुनिश्चित की जाएगी। फिलहाल जहां जरूरत होगी, वहां नाव भी चलवाई जाएगी।
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