नहर विभाग की उदासीनता से नाराज ग्रामीणों ने खुद ही माइनर की सफाई करने का जिम्मा संभाल लिया है। उन्होंने धान की फसल बर्बाद होने से बचाने के लिए कई दिनों की मेहनत के बाद माइनर की टेल तक पानी पहुंचा दिया है। अब पानी टेल तक पहुंचने से काफी किसानों को फायदा पहुंचेगा। हालांकि विभाग के उदासीन रवैए से ग्रामीणों में खासा आक्रोश है।
मामला कटेहरी विकासखंड क्षेत्र के मोहनपुर कोड़रा खजावां माइनर से जुड़ा है। इस माइनर से कई गांवों के दर्जनों किसानों की फसलों की सिंचाई होती है। नहर विभाग की उदासीनता के कारण लंबे समय से इस माइनर की सफाई नहीं हो रही है। कई बार ग्रामीणों ने शिकायत भी की लेकिन जिम्मेदार लोग इसके बाद भी गंभीर नहीं हुए।
शासन स्तर तक पत्र के माध्यम से शिकायत पहुंचायी गई। इसका भी कोई फर्क नहीं पड़ा। क्षेत्र के रणजीत वर्मा, लल्लन वर्मा, विनोद कुमार, मुनिराम, पंकज, श्यामबिहारी, मंशाराम सहित दर्जनों ग्रामीणों ने एकजुट होकर बीते दिनों माइनर की सफाई कई दिन की मेहनत के बाद पूरा कर लिया। इससे संबंधित माइनर में टेल तक पानी पहुंचने लगा।
इस बीच किसानों के बीच नहर विभाग के प्रति काफी आक्रोश है। किसानों का कहना है कि प्रदेश सरकार किसानों की सिंचाई माफ कर उनका सुध भी लेना भूल चुकी है। कहा कि इससे बेहतर तो तब था जब विभाग सिंचाई लेता था और समय से माइनरों की सफाई करा देता था।
फसलों की सिंचाई होने से किसानों को सिंचाई देने में भी नहीं दिक्कत नहीं महसूस होती थी। उधर, अपर जिलाधिकारी रामसूरत पांडेय ने कहा कि सिंचाई विभाग को पूर्व में ही निर्देशित किया गया था। माइनरों में टेल तक पानी पहुंचना सुनिश्चित किया जाएगा।