खेत की सुरक्षा के लिए लगाए गए तार में प्रवाहित हो रहे करंट की चपेट में आकर रविवार शाम एक किशोरी व उसकी बड़ी मां की मौत हो गई। घटना को लेकर देर शाम तक पुलिस को कोई तहरीर नहीं मिल सकी थी। थाना क्षेत्र मालीपुर के घुरहूपुर गांव निवासिनी आकांक्षा (13) पुत्री जैसराज अपनी बड़ी मां कुमारी देवी (42) पत्नी परशुराम के साथ खेत से साग लेने के लिए निकली थी।
बताया जाता है कि वे दोनों गांव के बाहर आलूू के खेत के निकट पहुंची। वहां खेत के किनारे-किनारे खेत मालिक ने अवैध ढंग से बिजली का तार लगा रखा था। ऐसे तार आमतौर पर नीलगाय या अन्य पशुओं से फसलों को बचाने के लिए लगाए जाते हैं। आकांक्षा व कुमारी ने समझा कि ये तार भी ऐसे ही लगे होंगे जिससे कोई जानवर खेत के अंदर न जा सके।
यही समझकर पहले आकांक्षा ने तार को पकड़कर खेत के भीतर जाना चाहा। करंट प्रवाहित होने के चलते वह उसकी चपेट में आ गई। यह देख कुमारी देवी ने उसे बचाने का प्रयास किया तो वह भी करंट की चपेट में आ गई। दोनों की चीख-पुकार सुनकर आसपास के खेतों में मौजूद ग्रामीण दौड़े। किसी तरह दोनों को बिजली के तार से अलग किया गया। इस बीच परिवारीजन भी वहां आ चुके थे।
दोनों तार से अलग होते ही बेहोश होकर गिर पड़ी थीं। सूचना के बाद मालीपुर पुलिस भी मौके पर पहुंची। आकांक्षा व कुमारी को तत्काल जिला अस्पताल भिजवाया गया जहां चिकित्सकों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। इस पर परिवारीजनों में रोना-पीटना मच गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों शव पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया।
मालीपुर थाना प्रभारी महेंद्र कुमार ने बताया कि घटना को लेकर कोई तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलेगी तो केस दर्ज किया जाएगा। अधिशाषी अभियंता मुकेश बाबू ने बताया कि घटना की जानकारी नहीं है। वैसे किसी को भी खेतों में इस तरह तार लगाकर करंट प्रवाहित करने का अधिकार नहीं है। यह अवैधानिक है। मामले में संबंधित जेई से रिपोर्ट तलब की जाएगी।