प्रमन श्रीवास्तव
अंबेडकरनगर। ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी (जीबीसी) 5.0 की तैयारियां जिले में तेज हो चुकी हैं। शासन ने इस बार अंबेडकरनगर को तीन हजार करोड़ रुपये का लक्ष्य आवंटित किया है, जिसने अफसरों की चिंता बढ़ा दी है। वजह यह कि वर्ष 2025 के लिए अब तक मात्र 410 करोड़ रुपये के 65 निवेश प्रस्ताव ही प्राप्त हो पाए हैं। लक्ष्य की तुलना में यह राशि बेहद कम मानी जा रही है।
विभागीय अधिकारी फिलहाल प्राप्त प्रस्तावों के सत्यापन और प्रगति की समीक्षा में जुटे है। लक्ष्य की पूर्ति मुश्किल दिखने पर विभाग ने शासन से लक्ष्य कम करने का अनुरोध भी कर दिया है और इस संबंध में पत्राचार जारी है। जीबीसी-5.0 को इस माह के अंत तक या दिसंबर के पहले सप्ताह में आयोजित किया जाना प्रस्तावित है। प्राप्त 65 प्रस्तावों में से 39 इकाइयां निर्माण पूरा कर उत्पादन शुरू कर चुकी हैं, लेकिन इनकी कुल लागत मात्र 120 करोड़ रुपये है। शेष 26 इकाइयां निर्माणाधीन हैं जिन्हें ग्रीन श्रेणी में रखा गया है। इनके शुरू होने में अभी दो से तीन माह का समय लगने की संभावना है। सबसे बड़े निवेश में आर्यांश एग्रो सॉल्वेक्स प्राइवेट लिमिटेड (लालापुर) द्वारा 65 करोड़ रुपये का निवेश शामिल है। यह इकाई राइस ब्रान रिफाइंड उत्पादन करेगी। इसके अतिरिक्त गोमती इन चिल्ड्रेन इको पार्क में भी उल्लेखनीय निवेश प्रस्तावित है। उद्यमी मित्र अखिलेश पटेल के अनुसार सभी प्रस्तावों का सत्यापन व श्रेणीकरण कराया जा रहा है। निर्माण पूर्ण एवं निर्माणाधीन इकाइयों का अलग-अलग विस्तृत ब्योरा जुटाया जा रहा है।
161 इकाइयों ने शुरू किया उत्पादन
फरवरी 2024 में आयोजित जीबीसी-4.0 में जिले को लगभग 2300 करोड़ रुपये का लक्ष्य दिया गया था। इसके सापेक्ष 1780 करोड़ रुपये के 171 एमओयू हुए थे। इनमें से 161 इकाइयों ने निर्माण पूरा कर उत्पादन शुरू कर दिया है, जिससे 1607 करोड़ का निवेश धरातल पर उतर चुका है।
ये 10 इकाइयां अभी हैं निर्माणाधीन
अडाणी वेयरहाउस – 25 करोड़
रिलायंस सीबीजी प्लांट – 125 करोड़
शिव शक्ति बाजार होलसेल – 10 करोड़
गत वर्ष विभागवार एमओयू की स्थिति
एमएसएमई – 40 प्रस्ताव – 358 करोड़
पशुपालन – 3 प्रस्ताव – 108 करोड़
डेयरी – 2 प्रस्ताव – 6 करोड़
स्वास्थ्य – 23 प्रस्ताव – 104 करोड़
उद्यान – 52 प्रस्ताव – 508 करोड़
कपड़ा – 2 प्रस्ताव – 70 करोड़
खाद्य व पूर्ति – 34 प्रस्ताव – 61.55 करोड़
हाउसिंग – 1 प्रस्ताव – 376 करोड़
लक्ष्य कम कराने के लिए पत्राचार किया
शासन से निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप सभी विभागों को डीएम द्वारा लक्ष्य आवंटित किया जा रहा है। लक्ष्य कम कराने के लिए पत्राचार भी किया गया है।
– अनूप श्रीवास्तव, उपायुक्त उद्योग