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Ambedkar Nagar News: बिजली कर्मियों की हड़ताल ने बढ़ाई मुश्किल

Sat, 18 Mar 2023 12:12 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
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कर्मचारियों के हड़ताल के चलते शुक्रवार को अकबरपुर बिजली कार्यालय में खाली पड़ी कुर्सी। -संवाद
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अंबेडकरनगर। बिजली कर्मियों की हड़ताल से शहर से लेकर गांवों तक लगभग पांच लाख की आबादी गुरुवार पूरी रात अंधेरे में डूबी रही। कुछ जगहों पर शुक्रवार को गड़बड़ी ठीक कर ली गई तो कई जगहों पर आपूर्ति ठप ही रही। बिजली न मिल पाने से सबसे ज्यादा समस्या पेयजल व घरेलू कामों को लेकर हुई। एक-एक बाल्टी पानी के लिए लोगों को तरसना पड़ा।
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बिजली कर्मचारियों की हड़ताल से गुरुवार देर शाम से ही बिजली आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो गई। शहरी क्षेत्र हो या फिर ग्रामीण, दोनों ही क्षेत्रों के लोग परेशान रहे। अकबरपुर नगर के पटेलनगर, बसखारी रोड, शास्त्रीनगर, शाहजहांपुर व अब्दुल्लापुर आदि क्षेत्रों में केबल में आई गड़बड़ी से पूरी रात बिजली नहीं रही।



इससे एक तरफ जहां गर्मी से लोगों को जूझना पड़ा तो वहीं पेयजल का भी संकट खड़ा हो गया। शुक्रवार सुबह घरेलू कामों को निपटाने में सबसे ज्यादा चुनौती सामने आई। जिनके घरों या फिर आसपास हैंडपंप नहीं था, उन्हें सबसे ज्यादा परेशानी हुई।
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नगर के इन क्षेत्रों में से ज्यादातर जगहों पर शुक्रवार दोपहर तक आपूर्ति बहाल हो पाई। इसके बाद भी अकबरपुर नगर के मीरानपुर, अयोध्या मार्ग, तमसा मार्ग व शहजादपुर के अलग-अलग क्षेत्रों में आपूर्ति बाधित होती रही।



बिजली उपकेंद्र भीटी से जुड़े मदारभारी, गोविंदापुर, अढनपुर, सम्मनपुर, भीटी, काही, बनगांव समेत कई गांवों की आपूर्ति शुक्रवार दोपहर दो बजे से ठप हो गई। अशरफपुर बरवां उपकेंद्र से जुड़े सतरही, यरकी, बट्टूगढ़, टीकमपारा, रतनपुर, मजगवां, कसियादासपुर, मरथुआ सरैया समेत दो दर्जन से अधिक गांवों की बिजली आपूर्ति गुरुवार दोपहर बाद से ही ठप रही।



उपकेंद्र जलालपुर से जुड़े बड़ागांव, साहबतारा, कर्बला कासिमपुर, अम्म्रपुर, ढाखा, मुस्कराई, सेहरी, अशरफपुर मजगवां, मंगुराडिला, मालीपुर फीडर से जुड़े जैनापुर, भुवापाकड़, हैदराबाद, अरई, जीवत, गौरामहमदपुर, कन्नूपुर समेत कई अन्य क्षेत्रों में सुबह लगभग छह बजे से बिजली आपूर्ति ठप हो गई। इसी तरह टांडा व आलापुर तहसील क्षेत्र में भी शुक्रवार को पूरे दिन बिजली आपूर्ति बाधित रही।






रामपुर सकरवारी बाजार में गुरुवार देर शाम तेज रफ्तार ट्रेलर सड़क के किनारे स्थित ट्रांसफार्मर के खंभे से टकरा गया। इससे न सिर्फ खंभा बल्कि ट्रांसफार्मर भी क्षतिग्रस्त हो गया। नतीजा यह हुआ कि संबंधित क्षेत्र की लगभग 25 हजार की आबादी अंधेरे में डूब गई।



प्रभावित लोगों ने संबंधित क्षेत्र के लाइनमैन से लेकर अधिकारियों तक से संपर्क करने की कोशिश की लेकिन ज्यादातर का मोबाइल ही स्विच ऑफ मिला। जिसने कॉल रिसीव भी की तो उसने हड़ताल का हवाला देकर फोन काट दिया। नतीजतन शुक्रवार को एक-एक बाल्टी पानी के लिए लोगों को इधर-उधर की दौड़ लगानी पड़ी।







बिजली कर्मचारियों की हड़ताल के चलते शुक्रवार को सभी उपकेंद्रों के कार्यालयों पर पूरी तरह से सन्नाटा पसरा रहा। अधिकारियों व कर्मचारियों की कुर्सियां खाली पड़ी थीं। बिल जमा करने वाला काउंटर बंद पड़ा हुआ था। कैश काउंटर पर भी पूरी तरह से सन्नाटा पसरा था। लोग विभिन्न कार्यों के लिए संबंधित बिजली केंद्र पर पहुंचे जरूर लेकिन सन्नाटा देख लौट गए।







बिजली आपूर्ति व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए शुक्रवार को पूरे दिन अधिकारी संविदा कर्मचारियों से फोन पर संपर्क करते नजर आए। गौरतलब है कि आपूर्ति व्यवस्था बेपटरी न हो, इसके लिए प्रत्येक उपकेंद्र पर अधिकारियों की तैनाती की गई है। शुक्रवार को ऐसे अधिकारियों ने संविदा कर्मचारियों से फोन पर संपर्क साधा। किसी संविदा कर्मचारी का फोन ही स्विच ऑफ मिला तो कोई कर्मचारी फोन पर ही कई तरह की जानकारी देता मिला।









विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति जिलाध्यक्ष महेंद्र कुमार त्यागी ने शुक्रवार को प्रशासन से मांग करते हुए कहा कि कुछ उपकेंद्रों पर संविदा कर्मचारियों को बलपूर्वक बंधक बना लिया गया है। ये वह संविदा कर्मचारी हैं जिनकी ड्यूटी 16 मार्च को दिन में लगी थी। पुलिसकर्मियों ने उन्हें जबरदस्ती उपकेंद्र पर बैठा लिया है और काम करा रहे हैं। उनके खाने के लिए किसी भी प्रकार की व्यवस्था नहीं है। कहा कि यदि अविलंब उन्हें कार्यमुक्त नहीं किया गया तो जेल भरो आंदोलन छेड़ा जाएगा।







मिर्जापुर निवासी संजय कुमार अकबरपुर बिजली केंद्र पर बिल जमा करने के लिए शुक्रवार को पहुंचे थे। उन्हें मायूस होकर लौटना पड़ा। संजय ने कहा कि बिजली बिल सुचारु रूप से जमा हो सके, इसके लिए समुचित व्यवस्था की जानी चाहिए थी। समय पर बिल न जमा होने पर जुर्माना लगा दिया जाएगा। ऐसे में उसे कैसे भरा जा सकेगा।







बूढनपुर निवासी रामकिशोर बिजली कार्यालय अकबरपुर में कनेक्शन के लिए पहुंचे थे। कार्यालय में पूरी तरह से सन्नाटा पसरा था। कहा कि यहां आने के बाद ही पता चला कि हड़ताल है। अब मायूस होकर लौटना पड़ रहा है। हड़ताल कब समाप्त होगी और कनेक्शन किस प्रकार से हो सकेगा, इसकी जानकारी देने वाला भी कोई नहीं है।








अकबरपुर नगर के अयोध्या मार्ग निवासी अब्बास अली भी बिजली बिल नहीं जमा कर सके। बिजली कार्यालय परिसर में मिले अब्बास ने कहा कि जानकारी नहीं थी कि हड़ताल है। 17 मार्च अंतिम तारीख थी बिल जमा करने की। अब बाद में जमा करने पर जुर्माना लगेगा। जिम्मेदारों को वैकल्पिक व्यवस्था करनी चाहिए थी।
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