अंबेडकरनगर। केंद्र सरकार की ओर से जीएसटी की सिर्फ दो दरों 12 व पांच प्रतिशत को नवरात्र से लागू करने की घोषणा कर दी है। आम आदमी को इससे बड़ी राहत मिलेगी, इसका कारण रोजमर्रा के उपभोग की चीजों का सस्ता होना है। वहीं, व्यापारियों को जीएसटी के उत्पादों का लगा स्टॉक चिंता का सबब बना हुआ है, जिसको वह नई दरों पर बेचकर अपना नुकसान नहीं करना चाहते हैं।
अभी तक जीएसटी की चार दरें पांच, 12, 18 व 28 प्रतिशत लागू हैं, जोकि हर उत्पाद पर अलग-अलग लगती हैं। अभी तक ऑटोमोबाइल पर जहां 28, कृषि उत्पादक पर 18, कपड़े व स्टेशनरी पर 12 और इरेजर्स पर पांच प्रतिशत जीएसटी लगता था। इनमें अब दो स्लैब 12 व पांच प्रतिशत के दायरे में लाया गया है। इससे कृषि उत्पादों से बनने वाले सामान सस्ते होंगे। जीएसटी रिफॉर्म्स किसानों के लिए भी काफी फायदेमंद है। किसानों के लिए ट्रैक्टर के अलावा स्प्रिंकलर ड्रिप सिंचाई कटाई मशीनरी और ट्रैक्टर पार्ट्स के दाम में गिरावट आएगी। वहीं बोआई, सिंचाई और कटाई में उत्पादकता और एफिशिएंसी बेहतर होगी। किसानों के लिए ट्रैक्टर के अलावा स्प्रिंकलर ड्रिप सिंचाई कटाई मशीनरी और ट्रैक्टर पार्ट्स भी सस्ते होंगे।
अकबरपुर के मीरानपुर निवासी किसान राधेश्याम यादव ने बताया कि कृषि उत्पादों से बनने वाले सामानों पर जीएसटी कम करने से किसानों के साथ ही आम लोगों को भी राहत मिली है। सरकार का यह फैसला जनता के हित में है।
व्यापार मंडल जिलाध्यक्ष अनिल अग्रहरि का कहना है कि केंद्र सरकार ने जीएसटी का सरलीकरण करते हुए उद्यमियों, कारोबारियों के साथ ही आमजन को राहत दी है। जीएसटी पहले चार स्लैब में थी, जो अब दो स्लैब में होगी। इसका लाभ सभी को मिलेगा।