अंबेडकरनगर। जिला अस्पताल के कर्मचारियों का दीपावली बोनस लंबे समय तक रोके रखने के मामले में अनियमितता सामने आई है। जांच कमेटी ने आरोपों की पुष्टि करते हुए रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी है। इसके आधार पर निदेशक प्रशासन, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य ने वरिष्ठ सहायक विनय कुमार श्रीवास्तव को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। जवाब संतोषजनक न मिलने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
मामले की शिकायत एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह ने मुख्यमंत्री से की थी। इसके बाद जिलाधिकारी ईशा प्रिया ने प्रकरण की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित की। इसमें एसीएमओ डॉ. रामानंद, वरिष्ठ कोषाधिकारी बृजलाल और तत्कालीन जिला समाज कल्याण अधिकारी विक्रम कौशल शामिल थे। कमेटी ने संबंधित अभिलेख की जांच करने के साथ ही जमा कराई गई रकम का मिलान किया। इसमें कर्मचारियों के बोनस की रकम रोके रखने के आरोपों की पुष्टि हुई। जांच रिपोर्ट सीएमओ के माध्यम से महानिदेशक स्वास्थ्य को भेजी गई थी।
शिकायत के बाद जमा कराई रकम
जांच में सामने आया कि कर्मचारियों के दीपावली बोनस के 41,448 रुपये 25 नवंबर 2024 से 25 दिसंबर 2025 तक वरिष्ठ सहायक के पास रहे। इस संबंध में 12 जून 2026 को शिकायत की गई थी। शिकायत के बाद 18 जून 2026 को वरिष्ठ सहायक ने चालान के माध्यम से पूरी रकम जमा करा दी। हालांकि, जांच में रकम लंबे समय तक रोके रखने के मामले में अनियमितता की पुष्टि हुई। इससे कर्मचारियों के बोनस के भुगतान और वित्तीय प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो गए हैं।
15 दिन में देना होगा स्पष्टीकरण
जांच रिपोर्ट के आधार पर निदेशक प्रशासन, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य ने 16 अक्तूबर को वरिष्ठ सहायक को नोटिस जारी किया। इसमें 15 दिन के भीतर अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया गया है। नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि जवाब संतोषजनक न मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। एसीएमओ डॉ. रामानंद ने बताया कि कमेटी ने जांच पूरी कर रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी थी। अब आगे की कार्रवाई उन्हीं के स्तर से की जाएगी।
विभाग में पहले भी उठे हैं सवाल
स्वास्थ्य विभाग में कर्मचारियों पर पहले भी गंभीर आरोप लग चुके हैं। सीएमओ कार्यालय में तैनात रहे डिप्टी सीएमओ डॉ. एसके वर्मा और स्टेनो महेश पर भी आरोप लगे थे। जांच के बाद उन्हें दोषमुक्त कर दिया गया था। इसके बाद दूसरे स्टेनो संतोष वर्मा की तैनाती हुई, लेकिन कुछ माह बाद एएनएम की तैनाती में अनियमितता का मामला सामने आया। डीएम की जांच के बाद उन्हें भी हटा दिया गया। सीएमओ डॉ. प्रमोद कुमार ने बताया कि आरोपों के बाद संबंधित कर्मचारियों को हटाया गया है और अब नए कर्मचारियों से काम लिया जा रहा है।