सरयू नदी के पानी ने माझा क्षेत्र के ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ानी शुरू कर दी हैं। खतरे के लाल निशान को लगातार पीछे छोड़ते हुए शुक्रवार को नदी का जलस्तर 33 सेमी ऊपर पहुंच गया। एसडीएम व तहसीलदार ने दिन में बाढ़ प्रभावित कई गांवों का नाव से जायजा लिया और ग्रामीणों को सभी आवश्यक मदद का भरोसा दिलाया।
नदी में आई बाढ़ से माझा क्षेत्र के तीन गांव पानी से घिरे हुए हैं। शुक्रवार को नदी का पानी आबादी के एकदम नजदीक तक पहुंच गया, जिससे कभी भी पानी घरों में प्रवेश कर सकता है। प्रशासन ने इस बीच बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों की मदद के लिए 14 नावों को उतार दिया है, जिससे उन्हें सुचारु आवागमन में कोई कठिनाई न हो सके।
बाढ़ चौकियों पर तैनात कर्मचारियों को सतर्क रहने का निर्देश देते हुए कहा गया है कि कोई भी लापरवाही करता पाया गया, तो कार्रवाई की जाएगी। लगातार हो रही बारिश के चलते सरयू नदी का कहर दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है।
नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि होने से तटीय क्षेत्र के एक दर्जन से अधिक गावों के अलावा शहरी क्षेत्र के आधा दर्जन से अधिक मोहल्लों के बाशिंदों की चिंता बढ़ गई है। माझा क्षेत्र के लगभग 150 बीघा खेत पूरी तरह जलमग्न हो गए हैं, तो माझा उलटहवा पूरी तरह से बाढ़ के पानी से घिर गया है।
उलटहवा के तीन पुरवों दिलशेर का पूरा, बाबूराम का पूरा व जालिम का पूरा में आबादी के निकट बाढ़ का पानी पहुंच गया है। जिस प्रकार से प्रति घंटा आधा सेंमी. जलस्तर में वृद्धि हो रही है, उसे देखते हुए यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि शुक्रवार रात या फिर शनिवार भोर में इन पुरवों में रह रहे 500 से अधिक लोगों के घरों में बाढ़ का पानी पहुंच जाएगा।
बाढ़ प्रखंड के अवर अभियंता चिंतामणि शर्मा के अनुसार शुक्रवार को नदी का जलस्तर 93.06 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के लाल निशान 92.73 मीटर से 33 सेमी ऊपर है। उधर बाढ़ के कहर को देखते हुए शुक्रवार दोपहर से पहले एसडीएम पंकज व तहसीलदार राजेश सिंह ने नाव से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लिया।
ग्रामीणों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। साथ ही उन्हें हरसंभव मदद दिए जाने का आश्वासन दिया। एसडीएम ने बताया कि लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए बाढ़ चौकियों अवसानपुर, चिंतौरा, डुहिया, फूलपुर, नसरुल्लाहपुर, बिहरोजपुर, महरीपुर, बसखारी, केवटला को अलर्ट कर दिया गया है।
साथ ही बाढ़ में फंसे लोगों के ठहरने के लिए अधिग्रहीत किए गए विद्यालयों पर भी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करा दी गई है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को आवागमन में किसी प्रकार की समस्या न हो, इसके लिए 14 नावों को उतार दिया गया है।