अंबेडकरनगर। बीते 48 घंटे से लगातार हो रही बारिश ने जिले में कहर बरपाना शुरू कर दिया है। तेज हवा के साथ हो रही बरसात से एक तरफ जहां जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में आधा दर्जन कच्चे घर ढह गए, तो वहीं एक दर्जन से अधिक पेड़ भी धराशायी हो गए। पेड़ व उसकी डाल गिरने से जर्जर हो चुके तार व विद्युत खंभे क्षतिग्रस्त हो गए, जिससे लगभग ढाई लाख आबादी की विद्युत आपूर्ति बाधित हो गई। इससे शुक्रवार को सुबह लोगों के समक्ष पेयजल की समस्या खड़ी हो गई।
बारिश के चलते अस्त-व्यस्त हुए आम जनजीवन के बीच जगह-जगह जलभराव की समस्या हो गया। इससे लोगों को आवागमन में दिक्कतें हुईं। इस बीच लगातार हो रही बारिश ने मेंथा किसानों की चिंता बढ़ा दी है। उनका कहना है कि यदि बरसात का सिलसिला नहीं थमा, तो इससे मेंथा की फसल को नुकसान होगा।
हवा के साथ हो रही बारिश अब जिले में कहर बरपाने लगी है। बुधवार रात से शुरू हुई बारिश का सिलसिला शुक्रवार को भी जारी रहा। तेज हवा के साथ हुई बरसात से सबसे अधिक नुकसान कच्चे घरों को हुआ है। शुक्रवार को तड़के टांडा विकास खंड के हबीबपुर गांव में अंकित का छप्परनुमा घर हवा के साथ हो रही बारिश के चलते ढह गया। यह संयोग ही रहा कि परिवार के सदस्य बाल-बाल बच गए।
इसके अलावा जलालपुर, भीटी, आलापुर व अकबरपुर तहसील क्षेत्र में लगभग आधा दर्जन कच्चे घर ढह गए। यह संयोग ही रहा कि इन घटनाओं में कोई हताहत नहीं हुआ। इसके अलावा बसखारी, जहांगीरगंज, राजेसुल्तानपुर, पदुमपुर, रामनगर, आलापुर, शुकुलबाजार, सद्दरपुर, महरुआ, कटेहरी, भीटी समेत जिले के कई अन्य क्षेत्रों में कहीं पेड़ धराशायी हो गए, तो कहीं पेड़ की डालें टूटकर गिर पड़ीं। नतीजा यह रहा कि कहीं जर्जर हो चुके तार टूट गए, तो कहीं लगभग एक दर्जन से अधिक विद्युत खंभे भी क्षतिग्रस्त हो गए। इसके चलते लगभग ढाई लाख आबादी की विद्युत आपूर्ति ठप हो गई।
बसखारी व आसपास के क्षेत्र में लगभग 36 घंटे से गड़बड़ी के चलते आपूर्ति बाधित है। शुक्रवार देर शाम तक विद्युत आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी है। इसी प्रकार जिले के अन्य क्षेत्रों में भी शुक्रवार देर शाम गड़बड़ी नहीं दूर की जा सकी। बदतर विद्युत आपूर्ति का नतीजा रहा कि शुक्रवार को सुबह लोगों के समक्ष पेयजल की समस्या रही। उन्हें एक-एक बाल्टी पानी के लिए इधर-उधर भटकने को मजबूर होना पड़ा। उधर, अधिशाषी अभियंता विद्युत अकबरपुर वीके पटेल ने बताया कि बारिश के चलते विद्युत आपूर्ति प्रभावित हुई है। गड़बड़ी को दूर कराया जा रहा है। बरसात के चलते गड़बड़ी दूर करने में बाधा उत्पन्न हो रही है।
मेंथा किसानों की बढ़ी चिंता
हवा के साथ हो रही बारिश ने मेंथा किसानों की चिंता बढ़ा दी है। दरअसल मौजूदा समय में मेंथा फसल पूरी तरह तैयार हो चुकी है। यदि बारिश न शुरू हुई होती, तो पेराई का कार्य भी प्रारंभ हो जाता। किसानों का कहना है कि यदि बारिश का दौर आगे भी जारी रहता है और खेत में पानी भर जाता है, तो इससे उपज को नुकसान होगा। जहांगीरगंज के मेंथा किसान राजकुमार व सिझोलिया के दयानंद ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इस बार मेंथा की फसल विगत वर्ष की तुलना में अच्छी थी। बारिश ने सारी उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। कहा कि यदि खेत में पानी भरता है, तो इससे उपज को बड़ा नुकसान होगा। रामनगर के मिट्ठूलाल व अमेदा के महेश शर्मा ने कहा कि बारिश ने बेहतर उपज की उम्मीदों को तोड़ दिया है। मेंथा की पेराई का दौर शुरू होने वाला था। बारिश ने लगभग एक पखवाड़ा पीछे कर दिया है। बारिश के चलते ऑयल कम निकलने की संभावना है। यदि ऐसा हुआ, तो लागत निकालना भी मुश्किल होगा।
जलभराव से आवागमन में दिक्कतें
तेज हवा के साथ लगातार हो रही बारिश से जिला मुख्यालय के अलावा जिले के कई अन्य क्षेत्रों में जगह-जगह जलभराव की समस्या उत्पन्न हो गई। इससे लोगों को आवागमन में मुश्किलें हुईं। नाराज लोगों का कहना था कि यदि समय रहते नाले नाली की समुचित साफ-सफाई करा दी गई होती, तो इस प्रकार की समस्या न होती। अकबरपुर नगर के अकबरपुर अयोध्या मार्ग पर शीतला आश्रम से लेकर बनगांव मोड़ तक, पटेलनगर तिराहा से कृषि भवन तक, अकबरपुर विद्युत उपकेंद्र, पीडब्ल्यूडी कार्यालय, नई सड़क, सब्जी मंडी, शहजादपुर चौक के अलावा भीटी बाजार, केदारनगर बाजार, इल्तिफातगंज, रामनगर के अलावा कई अन्य प्रमुख बाजारों में पानी भर गया। इससे लोगों को आवागमन में परेशानी हुई।
गड्ढे में फंसा ट्रक, टला बड़ा हादसा
शुक्रवार को पूरे दिन हुई बारिश से सड़क के किनारे गड्ढे हो गए। जिला मुख्यालय के मालीपुर रोड पर सड़क का चौड़ीकरण किए जाने के दौरान जलनिगम द्वारा पेयजल के लिए पाइप लाइन बिछाई गई थी। बताया जाता है कि इसके लिए खोदे गड्ढे को सही तरीके से नहीं पाटा गया। नतीजा यह रहा कि बारिश के चलते जगह-जगह मिट्टी धंस गई। इसके चलते शुक्रवार सुबह उधर से गुजर रहा एक ट्रक इसमें फंस गया। यह संयोग ही रहा कि वह पलटा नहीं, अन्यथा बड़ी दुर्घटना हो सकती थी। ठीक ढंग से गड्ढों को न पाटे जाने से स्थानीय लोगों ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। शहजादपुर के मोहम्मद इमरान, संदीप व अभिषेक ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार की लापरवाही की जांच होनी चाहिए। ऐसी लापरवाही बरतने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।