अंबेडकरनगर। ब्लॉक संसाधन केंद्र रामनगर में एनसीईआरटी पाठ्यक्रम और एनएफएल आधारित प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। आठवें चक्र के तीसरे दिन शिक्षकों को नवीन शैक्षिक पद्धतियों से अवगत कराया गया। इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य पढ़ाई की गुणवत्ता में सुधार लाना था।
प्रशिक्षकों ने शिक्षकों को गाइडेड रीडिंग रूटीन (जीआरआर) और चार ब्लॉक पद्धति के बारे में बताया। संदर्भदाता विनय चतुर्वेदी ने कहा कि यह पद्धति छात्रों को पढ़ने के लिए एक संरचित दृष्टिकोण प्रदान करती है, जिसमें पढ़ाई की तैयारी, मार्गदर्शित पठन, स्वतंत्र पठन और मूल्यांकन-प्रतिक्रिया शामिल हैं। उन्होंने यह भी बताया कि नई तकनीकों से पढ़ाई की गुणवत्ता में सुधार संभव है और इससे छात्रों के आत्मविश्वास और पठन क्षमता में सुधार होगा।
संदर्भदाता ईशान श्रीवास्तव ने मुद्रित सामग्री की उपयोगिता पर चर्चा करते हुए कहा कि पुस्तकें, अखबार, पत्रिकाएं और पोस्टर छात्रों को विविध विषयों पर जानकारी देने के साथ-साथ सीखने की प्रक्रिया को सक्रिय बनाते हैं। संदर्भदाता अभिषेक यादव ने गणित सहित विभिन्न विषयों में तेजी और सटीकता से कार्य करने की क्षमता के महत्व पर जोर दिया, जिससे छात्रों का आत्मविश्वास बढ़ता है। त्रिशूलधारी पांडेय ने स्थानीय मान (प्लेस वैल्यू) को समझाने में बच्चों को होने वाली कठिनाइयों पर चर्चा की। अंत में एआरपी शैलेंद्र ने गणितीय संक्रियाओं जोड़ और घटाव को समझाने के विभिन्न चरणों पर जानकारी दी।
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