अंबेडकरनगर। शियों के पहले इमाम हजरत अली अलैह की शहादत पर बृहस्पतिवार को अकबरपुर नगर समेत अन्य क्षेत्रों में ताबूत का जुलूस निकला। अंजुमन सदस्यों ने नौहाख्वानी व सीनाजनी की। उलमा ने हजरत अली के जीवन पर प्रकाश डालकर लोगों से उनके बताए रास्तों पर चलते हुए इंसानियत का पैगाम देने की अपील की। जुलूस के दौरान सुरक्षा के कड़े प्रबंध भी सभी क्षेत्रों में रहे।
अकबरपुर नगर में अंजुमन अकबरिया रजिस्टर्ड के तत्वावधान में शिया जामा मस्जिद से ताबूत का जुलूस निकला। पेवाड़ा, कुंजगली होते हुए अकबरपुर अयोध्या मार्ग स्थित रौजा ए फात्मैन पहुंचकर संपन्न हुआ। रजा अनवर ने अपने साथियों के साथ नौहा पढ़कर माहौल को भावुक कर दिया। मौलाना मोहम्मद अब्बास ने मजलिस में कहा कि हजरत अली ने सदैव इंसानियत का संदेेश दिया। हम सभी की जिम्मेदारी है कि उनके बताए आदर्शों पर चलकर समाज व देश के विकास में सहयोग करें।
मौलाना अब्बास ने हजरत अली की शहादत पर प्रकाश डालकर माहौल को भावुक कर दिया। इस दौरान आरिफ अनवर, मेहदी रजा, रेहान जैदी, इम्तियाज हुसैन, अली अस्करी नक़वी, दानिश अख्तर तकवी, अब्बास मेहदी आदि मौजूद रहे। अब्दुल्लाहपुर में अंजुमन हैदरिया के तत्वावधान में इमामबाड़े से ताबूत का जुलूस निकला। यहां भी अंजुमन सदस्यों ने नौहाख्वानी व सीनाजनी की। मीसम अली ने विशेष अंदाज में नौहा पढ़कर माहौल को भावपूर्ण किया। बाद में जुलूस इमामबाग स्थित रौजे पर पहुंचकर संपन्न हुआ। इस दौरान रजी रिजवी, जफरुल हसन, साबिर अली, कासिम अली, नाजिम अली, जामिन अली आदि मौजूद रहे।
जलालपुर के जफराबाद स्थित इमामबाड़े से निकले ताबूत जुलूस में आधा दर्जन से अधिक अंजुमन के सदस्यों ने नौहाख्वानी व सीनाजनी की। सिकंदरपुर में पुराने इमामबाड़े से निकला ताबूत का जुलूस कर्बला पहुंचकर संपन्न हुआ। इस दौरान शादाब जैदी, जफर जैदी, मसरूर आलम आदि मौजूद रहे। इसके अलावा टांडा, बसखारी, हजपुरा, कजपुरा, रसूलपुर, मछली गांव, लोरपुर, सिझौली, दहियावर, अरसावां समेत अन्य क्षेत्रों में भी ताबूत का जुलूस निकला।