नगर पंचायत अशरफपुर किछौछा की रामलीला में धनुष यज्ञ प्रसंग का मंचन करते कलाकार।
अंबेडकरनगर। रामलीला मंच पर बृहस्पतिवार रात जब श्रीराम, लक्ष्मण और माता सीता की अद्भुत झलक दर्शकों के सामने आई, तो पूरा मैदान श्रद्धा और उत्साह से सराबोर हो गया।
अकबरपुर के इल्तिफातगंज मार्ग पर हनुमान मंदिर के निकट रामलीला मंचन में ताड़का वध का मंचन किया गया। मुनि विश्वामित्र के साथ वन में गए श्रीराम और लक्ष्मण का सामना राक्षसी ताड़का से होता है, जो वर्षों से तपस्वियों और वनवासियों को आतंकित कर रही होती है। राम के पहले बाण से घायल होकर ताड़का विकराल रूप धारण कर लेती है, लेकिन श्रीराम अपने अगले प्रहार में उसका अंत कर देते हैं।
इसके साथ ही मारीच और सुबाहु के प्रवेश और उनके परास्त होने का दृश्य भी मंचित किया गया। कलाकारों ने अपने अभिनय से प्रसंग की गहनता और नाटकीयता को बखूबी उभारा। शहजादपुर कस्बे की 121 वर्ष पुरानी रामलीला में भी बृहस्पतिवार रात ताड़का वध के प्रसंग का मंचन किया गया। मंच पर ताड़का के प्रवेश के साथ ही वातावरण में तनाव और नाटकीयता गहराई। कलाकारों ने ताड़का के क्रूर रूप और उसके आतंक को सजीव रूप में प्रस्तुत किया। मंच पर मारीच और सुबाहु के साथ संघर्ष और उनके पराजय का दृश्य भी प्रभावशाली रहा।
राम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न की जन्म कथा ने किया भावविभोर
जमुनीपुर। अरिया बाजार में नवीन कला मंडल फतेहपुर की ओर से आयोजित रामलीला के दूसरे दिन बृहस्पतिवार को राम जन्म से लेकर ताड़का वध तक के प्रसंगों का चित्रण किया गया। शुरुआत भगवान शिव-पार्वती की झांकी और आरती से हुई। इसके बाद दशरथ के पुत्रेष्टि यज्ञ व राम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न के जन्म की कथा दर्शकों को भावविभोर कर गई।
जनकपुरी की भव्यता और सांस्कृतिक जीवन को किया जीवंत
विद्युतनगर। टांडा चौक स्थित रामलीला मंच पर जनक बाजार और फुलवारी लीला का मनमोहक मंचन हुआ। रंग-बिरंगे परिधानों, भावपूर्ण संवादों और सजीव अभिनय से सजी इस लीला ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। कलाकारों ने जनकपुरी की भव्यता और सांस्कृतिक जीवन को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया। वहीं फुलवारी लीला में सीता जी की सखियों संग पुष्पवाटिका में विहार का सुंदर दृश्य अत्यंत आकर्षक रहा।
श्रीराम कथा का संगीतमय किया बखान
जलालपुर। रामलीला मैदान में बृहस्पतिवार को हुए मंचन में भगवान राम के शिव धनुष तोड़ने और राम-परशुराम संवाद का चित्रण किया गया। धनुष यज्ञ का दृश्य देखकर जय श्रीराम के नारे लगने लगे। कलाकारों की जीवंत प्रस्तुति और संवादों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। छाछू मोहल्ले में रामकथा झांकी का आयोजन हुआ, जिसमें कथा प्रवाचक प्रियंका पांडेय ने श्रीराम कथा का संगीतमय वर्णन किया। कथा श्रवण के दौरान श्रद्धालु भावविभोर होकर झांकी दर्शन में लीन रहे।
श्रीकृष्ण की झांकी की आरती उतारी
बसखारी। अशरफपुर किछौछा के रामलीला महोत्सव में कार्यक्रम की शुरुआत नपं अध्यक्ष ओमकार गुप्ता ने भगवान श्रीकृष्ण की झांकी की आरती उतारकर की। इसमें शिव धनुष भंग का मंचन किया गया। जनकपुर में आयोजित स्वयंवर में अनेक राजा पहुंचे, पर कोई भी शिवधनुष पर प्रत्यंचा न चढ़ा सका। राजा जनक की चिंता के बीच ऋषि विश्वामित्र ने राम को आदेश दिया। भगवान राम ने प्रत्यंचा चढ़ाते ही धनुष तोड़ दिया। तभी महर्षि परशुराम पहुंचे और धनुष टूटने पर क्रोधित हो उठे। लक्ष्मण से तीखी नोकझोंक के दृश्य ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
नगर पंचायत अशरफपुर किछौछा की रामलीला में धनुष यज्ञ प्रसंग का मंचन करते कलाकार।
नगर पंचायत अशरफपुर किछौछा की रामलीला में धनुष यज्ञ प्रसंग का मंचन करते कलाकार।