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Ambedkar Nagar News: बिना भूमि आवंटन 22.53 लाख से बन गया पंचायत भवन

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अकबरपुर विकासखंड के कनकपट्टी पंचायत भवन में बना ग्राम सचिवालय।संवाद
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अंबेडकरनगर। मुख्यमंत्री पंचायत प्रोत्साहन समेत कई पुरस्कार हासिल कर चुकी अकबरपुर की ग्राम पंचायत कनकपट्टी में पंचायत भवन निर्माण में गंभीर अनियमितता सामने आई है। आरोप है कि वर्ष 2020 में तत्कालीन प्रधान कुमकुम वर्मा ने भूमि प्रबंधन समिति की बैठक और भूमि आवंटन के बिना करीब 22.53 लाख रुपये से पंचायत भवन का निर्माण करा दिया। इसके दो साल बाद वर्ष 2022 में भूमि प्रबंधन समिति की बैठक में पंचायत भवन न होने की बात दर्ज कर भवन के लिए भूमि चयन का प्रस्ताव पारित किया गया। जांच में दोनों दस्तावेजों को विरोधाभासी पाया गया है।
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ग्राम पंचायत निवासी विजय बहादुर वर्मा ने दो जून 2026 को मामले की शिकायत मुख्य विकास अधिकारी आनंद कुमार शुक्ला से की थी। सीडीओ ने जिला विकास अधिकारी (डीडीओ) सविता सिंह को जांच सौंपी। डीडीओ ने एक सितंबर को ग्राम पंचायत पहुंचकर अभिलेखों की जांच की। इसमें सामने आया कि भूमि प्रबंधन समिति की बैठक और भूमि आवंटन के बिना पंचायत भवन का निर्माण कराया गया, जो शासनादेश के विपरीत है।
जांच में तत्कालीन प्रधान कुमकुम वर्मा और तत्कालीन सचिव राजेंद्र प्रसाद को इसके लिए जिम्मेदार माना गया है। वहीं, वर्ष 2022 की बैठक में पंचायत भवन नहीं होने की बात दर्ज करने पर वर्तमान प्रधान बालमुकुंद वर्मा और लेखपाल रामचरन दूबे के हस्ताक्षर भी जांच के दायरे में आए हैं। सीडीओ ने डीडीओ की जांच आख्या पर कार्रवाई की संस्तुति करते हुए रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेज दी है।
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प्रधान बालमुकुंद वर्मा ने जांच के दौरान बताया कि कोरोना काल में भूमि प्रबंधन समिति की बैठक नहीं हो सकी थी। बाद में सितंबर 2022 में बैठक कर पंचायत भवन के लिए भूमि का चयन किया गया। उनका कहना है कि अभिलेखों में दर्ज विरोधाभास महज लिपिकीय त्रुटि है और कोई भ्रष्टाचार नहीं हुआ है। (संवाद)
दूसरे लेखपाल के नाम पर पहले हो चुकी कार्रवाई की संस्तुति
मामले में डीपीआरओ कार्यालय ने 11 अगस्त 2026 को आईजीआरएस शिकायत का निस्तारण किया था। इसमें वर्ष 2022 में हुए पंचायत भवन निर्माण के प्रस्ताव पर धनराशि आवंटित न होने के कारण वित्तीय गबन नहीं पाया गया था। हालांकि, लेखपाल कैलाश गौतम के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की गई थी। जबकि भूमि प्रस्ताव की कार्रवाई के समय लेखपाल रामचरन दूबे की तैनाती थी। ऐसे में कैलाश गौतम का नाम किन परिस्थितियों में आया, यह भी सवाल है। डीडीओ ने अपनी रिपोर्ट में कैलाश गौतम की जगह रामचरन दूबे के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की है।
कई पुरस्कार हासिल कर चुकी पंचायत
ग्राम पंचायत कनकपट्टी का चयन भारत सरकार की मॉडल युवा ग्राम पंचायत के रूप में हो चुका है। वर्ष 2023 में पंचायत भवन को आईएसओ प्रमाणपत्र मिला था। वर्ष 2022-23 में मुख्यमंत्री पंचायत प्रोत्साहन पुरस्कार में प्रथम स्थान पर रहने पर 35 लाख रुपये और वर्ष 2023-24 में तृतीय स्थान पर रहने पर 20 लाख रुपये का पुरस्कार मिला था। वर्ष 2024 में पंचायत प्रतिनिधियों को दिल्ली में परेड के लिए आमंत्रित किया गया था। मार्च 2026 में पुणे में आयोजित एक्सपोजर विजिट में भी पंचायत को सम्मानित किया गया।
जांच के आधार पर होगी कार्रवाई
ग्राम पंचायत कनकपट्टी में पंचायत भवन निर्माण और भूमि आवंटन में अनियमितताएं सामने आई हैं। हालांकि दोबारा भवन निर्माण के लिए बजट का आवंटन नहीं किया गया था। जांच के अनुसार आगे कार्रवाई की जाएगी।
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- आनंद कुमार शुक्ला, सीडीओ
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