आलापुर (अम्बेडकरनगर)। रामनगर के मसेना–मिर्जापुर में चल रहे श्रीमद्भागवत संगीतमय कथा ज्ञान यज्ञ महोत्सव के पांचवें दिन शनिवार को कथा पंडाल भक्ति, आध्यात्मिकता और दिव्य उल्लास से सराबोर दिखाई दिया। श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी और हरि-नाम, भक्ति गीतों व वैदिक मंत्रोच्चार से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।
अयोध्या बड़ी छावनी के महंत मनमोहन दास महाराज ने नामकरण संस्कार, भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं और श्रीविष्णु के विराट रूप दर्शन का भावपूर्ण एवं विस्तृत वर्णन किया। महंत ने समाज में बढ़ते संस्कारहीनता पर चिंता जताई और परिवारों से बच्चों को धार्मिक, नैतिक तथा मानवीय मूल्यों से जोड़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि जैसे देवकी–वसुदेव ने श्रीकृष्ण का नामकरण दिव्य विचार और भविष्य के कल्याण को दृष्टिगत रखकर किया, वैसे ही हर परिवार को अपने बच्चों के जीवन को सदाचार और शिक्षा से प्रकाशित करना चाहिए।
विराट रूप दर्शन पर बताया कि अर्जुन को मिला दिव्य दर्शन यह संदेश देता है कि संपूर्ण सृष्टि ईश्वर में स्थित है। मनुष्य अहंकार और क्रोध के वशीभूत होकर अपनी शक्ति को भूल जाता है, जबकि भगवान का विराट रूप हमें भयमुक्त होकर धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। आयोजक अशोक शुक्ला, समाजसेवी विमला पति त्रिपाठी, सहायक महानिरीक्षक पीलीभीत सतीश कुमार त्रिपाठी, एडवोकेट सुभाष त्रिपाठी, युवा व्यापार मंडल अध्यक्ष हरिश्चंद्र मद्धेशिया, अभिषेक तिवारी सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।