जलालपुर (अंबेडकरनगर)। जैतपुर के मुस्कुराई गांव निवासी ऑटो चालक रामस्वरूप (50) की धारदार हथियार से गला रेतकर हत्या का मामला पुलिस के लिए पहेली बनी है। वारदात के पांच दिन बाद भी पुलिस किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी है। हत्या करने के तमाम पहलुओं की जांच में भी हत्या करने के कारण की कोई खास वजह अभी तक पुलिस की जांच में नहीं पता चल पाई है।
गोरखपुर हाईवे सहित आसपास की बाजारों के 100 से अधिक सीसीटीवी फुटेज में भी कोई सुराग नहीं मिल सका है। एक बात जरूर सामने आई है कि हत्या के दूसरे दिन से ही रामस्वरूप का बेटा ओंकार घर से लापता हो गया है। परिजन भी उसके बारे में कुछ नहीं बता पा रहे है। उसका मोबाइल नंबर भी बंद जा रहा है। चार सितंबर को मृतक की बेटी अंकिता की तबीयत खराब थी। बेटा अरविंद कुमार अपने भाई ओंकार व छोटी बहन प्रतिमा के साथ जलालपुर निजी अस्पताल लेकर गए थे। इसके चलते रामस्वरूप रामगढ़ जलालपुर मार्ग अपने दूसरे मकान पर ही सो गए थे। हर दिन सुबह पांच बजे उठ जाते थे। इसके बाद छह बजे तक ऑटो लेकर घर से स्कूली बच्चों को छोड़ने के लिए रवाना हो जाते थे, लेकिन बीते शुक्रवार की सुबह जब वे नहीं उठे, तो पड़ोसी उनको उठाने पहुंचे थे। बरामदे में पहुंचने पर खून से लथपथ शव तखत पर देख चीख पड़े थे। एएसपी श्यामदेव ने बताया कि पुलिस हर पहलुओं की जांच करने में जुटी है। जल्द ही हत्यारे को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।