अंबेडकरनगर। भीटी इलाके में वर्ष 2017 में हुई अपहरण व दुष्कर्म की घटना झूठी निकली। पीड़िता ने जिरह के दौरान आरोपी पर लगाए गए सभी आरोपों से इनकार कर दिया। इस मामले में कोर्ट ने आरोपी जितेंद्र को दोषमुक्त करते हुए पीड़िता की मां के विरुद्ध परिवाद दर्ज करने के निर्देश दिए हैं।
भीटी इलाके की एक महिला ने 15 अक्तूबर 2017 को पुलिस को प्रार्थना पत्र देकर बताया था कि उसकी 14 वर्षीय पुत्री को गांव के जितेंद्र, चंद्रबली, खुकुकी, सुशीला और अवधेश गुंडई के बल पर अपने साथ ले गए थे। महिला जब उनके घर पूछने जाती है तो वह लोग गाली-गलौज करने लगते हैं। इस मामले में पुलिस ने पीड़िता को ढूंढकर कोर्ट के समक्ष बयान दर्ज कराए, जिसमें पीड़िता ने बताया कि वह जितेंद्र के साथ गुड़गांव चली गई थी, जहां दोनों एक साथ रह रहे थे। इस मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट मोहन कुमार की अदालत में हुई। साक्ष्य के अभाव में विशेष न्यायाधीश ने आरोपी जितेंद्र को बरी कर दिया। साथ ही वादिनी मुकदमा के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर कारण बताओ नोटिस जारी करने, आर्थिक सहायता दो माह के अंदर जिला मजिस्ट्रेट को वापस जमा करने के निर्देश दिए हैं।