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Ambedkar Nagar News: इंस्पेक्टर ने रुपये के लिए दो बार घर जाकर दी थी धमकी

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आरपीएफ इंस्पेक्टर समेत अन्य आरोपियोंं को ले जाते सीबीआई टीम के सदस्य।संवाद
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अंबेडकरनगर। रेलवे फाटक का बूम टूटने के मामले में आरपीएफ इंस्पेक्टर जीएस गौतम ने अपनी टीम के साथ अयोध्या के धनराज वर्मा को दो बार उनके घर जाकर रुपये की मांग करते हुए धमकाया था। रिश्वत मांगे जाने की शिकायत मिलने पर सीबीआई एसीबी लखनऊ की टीम 26 जून को ही सक्रिय हो गई थी। शुक्रवार को इंस्पेक्टर समेत तीनों आरोपियों से करीब 10 घंटे पूछताछ के बाद रात करीब 11:45 बजे टीम लखनऊ रवाना हुई। प्रकरण में सीबीआई ने केस दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।
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जनपद अयोध्या के महाराजगंज क्षेत्र के अलना भारी निवासी धनराज वर्मा 23 जून की सुबह करीब 11:30 बजे अपनी ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर रेलवे फाटक संख्या 96 अकबरपुर को पार कर रहे थे। उसी समय अचानक फाटक गिरने लगा और उसका बूम टूटकर ट्रैक्टर पर आ गिरा था। घटना के बाद धनराज ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर वापस आ गए थे। घटना के कुछ समय के बाद आरपीएफ इंस्पेक्टर जीएस गौतम अपने कुछ स्टाफ के साथ धनराज के घर पहुंच गए और मुकदमा दर्ज किए जाने की बात कही। झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देकर 60 हजार रुपये की मांग की।
दो दिन बाद 25 जून को इंस्पेक्टर ने फिर घर जाकर 26 जून को रुपये न मिलने पर ट्रैक्टर ट्रॉली जब्त करने और गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की धमकी दी। इसके बाद धनराज वर्मा ने एसपी सीबीआई एसीबी से शिकायत की थी। बताया जा रहा है कि 26 जून से सीबीआई सक्रिय हो गई थी। 50 हजार रुपये रिश्वत मांगने की पुष्टि होने के बाद सीबीआई की टीम ने शुक्रवार को इंस्पेक्टर जीएस गौतम, हेड कांस्टेबल हरेंद्र सिंह और बिचौलिए कमलेश कुमार सोनकर को गिरफ्तार किया था। करीब 10 घंटे चली पूछताछ के बाद रात करीब 11:45 बजे सीबीआई की टीम इंस्पेक्टर समेत तीनों लोगों को लखनऊ लेकर रवाना हो गई थी। फिलहाल मामले में सीबीआई एसीबी ने केस दर्ज कर लिया है और प्रकरण की जांच के विवेचक की नियुक्ति कर दी है।
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इंस्पेक्टर और हेड कांस्टेबल निलंबित, सुनील को मिला प्रभार
आरपीएफ इंस्पेक्टर जीएस गौतम की गिरफ्तारी के बाद पूरे थाने में सन्नाटा पसरा रहा। शनिवार को दूसरे तल पर स्थित थाने के सभी कमरे बंद थे। सिपाही व अन्य स्टाफ पूरी तरह से अनजान बने रहे। आरक्षण काउंटर और स्टेशन मास्टर के कक्ष में भी दहशत का माहौल नजर आया। आरपीएफ कमांडेंट देवांश शुक्ला ने बताया कि आरपीएफ थाने का प्रभार शाहगंज के इंस्पेक्टर सुनील दिवाकर को सौंप दिया गया है। इंस्पेक्टर जीएस गौतम व हेड कांस्टेबल हितेंद्र सिंह को निलंबित कर दिया गया है।


फल विक्रेता की दुकान पर ही रुपये का होता था लेनदेन
अकबरपुर जंक्शन के प्लेटफार्म नंबर एक पर दाखिल होते ही सूचना कक्ष के ठीक सामने शहजादपुर निवासी कमलेश कुमार फल और पानी की दुकान चलाता था। थाना प्रभारी जीएस गौतम और हेड कांस्टेबल हितेंद्र सिंह से इसकी अच्छी पैठ थी। सूत्रों के मुताबिक रुपये का लेनदेन इसी के माध्यम से होता था चाहे वो नकद हो या यूपीआई के माध्यम से, कई दुकानदारों को लाइसेंस रद्द कराने की धमकी भी देता रहता था।
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