आलापुर। दुष्कर्म की शिकार मासूम के मेडिकल को लेकर चिकित्सकों की संवेदनहीनता सामने आई। उसे रामनगर से जिला अस्पताल भेजे जाने के बाद बिना मेडिकल किए वापस कर दिया गया। बीजेपी जिलाध्यक्ष की ओर से संज्ञान में लाए जाते ही डीएम ने फौरन अधिकारियों को रामनगर अस्पताल भेजा। इसके बाद मासूम को जिला अस्पताल भेज कर न सिर्फ मेडिकल हुआ वरन उपचार भी किया जा रहा है। इससे पहले मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एसडीएम बिना देरी किये बाइक से ही घरेलू कपड़ों में अस्पताल पहुंचे और जरूरी प्रबंध सुनिश्चित किया।
चाचा के दुष्कर्म की शिकार पांच वर्षीय मासूम को लेकर जिला अस्पताल के चिकित्सकों और कर्मचारियों की हैरान कर देने वाली संवेदनहीनता सामने आई है। हुआ यह कि परिवारीजन मासूम का मेडिकल कराने रामनगर पीएचसी पहुंचे तो मामले की गंभीरता को देखते हुए उसे जिला अस्पताल भेज दिया गया। परिवारीजन उसे लेकर जिला अस्पताल आए तो यहां कर्मचारियों और चिकित्सकों ने उसे बैरंग वापस भेज दिया। पहले से ही व्यथित और परेशान परिवारीजन मासूम को लेकर रामनगर पहुंचे। उन्होंने बीजेपी जिलाध्यक्ष डॉ. मिथिलेश त्रिपाठी को पूरा मामला बताया।
मिथिलेश ने डीएम सैमुअल पॉल एन को जानकारी दी। डीएम ने मामले को गंभीरता से लिया। सीएमओ को सभी जरूरी प्रबंध अविलंब करने को कहा और एसडीएम आलापुर धीरेंद्र श्रीवास्तव को फौरन अस्पताल पहुंचने को कहा। एसडीएम भी फौरन बाइक से ही अस्पताल के लिए निकल पड़े। घरेलू ड्रेस में ही अस्पताल पहुंचे एसडीएम ने तत्काल मासूम को जिला अस्पताल भिजवाया। इसके बाद बालिका का मेडिकल कर उपचार शुरू हुआ।