अंबेडकरनगर। राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज अकबरपुर और आईआईटी रुड़की के बीच तकनीकी शिक्षा, शोध और प्रशिक्षण को बेहतर बनाने के लिए समझौता हुआ है। दोनों संस्थानों के बीच हुए सहमति पत्र पर कॉलेज के निदेशक डॉ. धनंजय सिंह और एसआरसी डीन प्रो. विवेक कुमार मलिक ने हस्ताक्षर किए। यह अनुबंध पांच वर्षों तक प्रभावी रहेगा। इस करार से कॉलेज के करीब 800 छात्र-छात्राओं, 45 शिक्षकों और 15 पीएचडी शोधार्थियों को सीधा फायदा मिलेगा।
इस एमओयू के तहत छात्रों और शिक्षकों को पढ़ाई के साथ-साथ इंटर्नशिप, प्रैक्टिकल ट्रेनिंग, शोध, स्टार्टअप और नवाचार में सहयोग मिलेगा। आईआईटी रुड़की की प्रयोगशालाओं, लाइब्रेरी और रिसोर्सेस का साझा उपयोग किया जा सकेगा। शिक्षकों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम, शोध कार्यों में संयुक्त भागीदारी और छात्रों को उद्योगों की जरूरतों के अनुसार कौशल प्रशिक्षण दिया जाएगा।एमओयू में यह भी तय हुआ है कि दोनों संस्थान मिलकर संयुक्त शोध प्रोजेक्ट, संगोष्ठी, अतिथि व्याख्यान, शॉर्ट टर्म कोर्स और वर्कशॉप का आयोजन करेंगे। पीएचडी छात्रों को संयुक्त मार्गदर्शन मिलेगा, रिसर्च स्कॉलरों के लिए ट्रेनिंग टूर का भी प्रावधान होगा।
ये भी मिलेगी सहूलियत
पीएचडी छात्रों का संयुक्त मार्गदर्शन किया जाएगा।
संकाय सदस्यों को पीएचडी फेलोशिप दी जाएगी।
रिसर्च स्कॉलरों के शैक्षणिक दौरों का आयोजन किया जाएगा।
खुलेगा स्टार्टअप का रास्ता
यह समझौता पढ़ाई और उद्योग के बीच की खाई को पाटेगा। छात्रों को नई तकनीक, संसाधन और शोध अवसर मिलेंगे, जिससे उनकी रोजगार क्षमता बढ़ेगी। साथ ही स्टार्टअप को भी बढ़ावा मिलेगा।
- डॉ. धनंजय सिंह, निदेशक राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज