जलालपुर के सोनगांव स्थित मौलाना बाकर मेहंदी के अजाखाने में नोहाख्वानी करते अजादार।संवाद
अंबेडकरनगर। जिले में मुहर्रम के माह में मजलिस और मातम का सिलसिला जारी है। रविवार को जलालपुर, किछौछा व बसखारी में इमामबाड़ों, धार्मिक स्थलों पर मजलिसों का आयोजन किया गया। इस दौरान कर्बला की घटनाओं का जिक्र सुनकर अजादार गमगीन हो गए। वक्ताओं ने हजरत इमाम हुसैन और उनके साथियों की कुर्बानी को याद करते हुए सब्र, इंसाफ और हक की राह पर चलने का संदेश दिया।
विभिन्न इलाकों में नौहाख्वानी और मातम का सिलसिला भी जारी रहा। लोगों ने शामिल होकर कर्बला के शहीदों को िखराज-ए-अकीदत पेश की। अशरफपुर किछौछा स्थित दरगाह परिसर में भी मुहर्रम के दौरान विशेष रौनक देखी जा रही है। यहां रोजाना बड़ी संख्या में जायरीन ताजिया का दीदार कर फूल चढ़ा रहे हैं और मन्नतें मांग रहे हैं। कई स्थानों पर सबील और सेवा शिविर लगाकर पानी, शरबत तथा अन्य सामग्री का निशुल्क वितरण किया जा रहा है।
किछौछा नगर में सोमवार को दो स्थानों से ताजिया जुलूस निकाले जाएंगे। पहला जुलूस निजामुद्दीन नगर से रात करीब नौ बजे शुरू होकर निर्धारित मार्गों से गुजरते हुए वापस अपने स्थान पर पहुंचेगा। दूसरा जुलूस दरगाह के मुख्य आस्ताना से निकलकर मुख्य चौराहे तक जाएगा और ताजिया की जियारत के बाद लौट आएगा। प्रभारी निरीक्षक बसखारी भूपेंद्र सिंह ने बताया कि दोनों जुलूसों के दौरान पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहेगा।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है, अधिकारी निगरानी रखेंगे। दरगाह इंतेजामिया कमेटी के इंचार्ज सैयद सेराज अशरफ के अनुसार मुहर्रम के दौरान आने वाले जायरीन और अकीदतमंदों की सुविधा के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं।