भीटी थाना क्षेत्र के बनगांव निवासी सुरजीत कुमार यादव ने थाने में दर्ज कराई प्राथमिकी में कहा कि उसके भाई रामधीरज यादव को 26 जुलाई 2009 को उस समय गोली मार दी गई, जब वह चाचा रामअवध व रामकिशोर के बीच हो रहे झगड़े में बीच बचाव करने पहुंचा।
इसी बीच पहुंचे गांव के राजेंद्र सिंह उर्फ मुरकटवा, जितेंद्र सिंह, सतीश सिंह व डीएम उर्फ धनंजय सिंह ने उनके भाई को घेर लिया। इसके बाद गोली चला दी गई, जिससे रामधीरज गंभीर रूप से घायल हो गया। बाद में उसकी इलाज के दौरान लखनऊ में मौत हो गई। पुलिस ने मामले में चारों आरोपियों के विरुद्ध आरोप पत्र दाखिल किया।
यह मामला अब सत्र परीक्षण के लिए पेश हुआ। इसमें अपर सत्र न्यायाधीश सर्वेश कुमार ने चारों आरोपियों को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। उन पर दस दस हजार रुपये का अर्थदण्ड भी लगाया गया। आदेश में कहा गया कि अर्थदण्ड अदा न करने पर 6-6 माह के अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी पड़ेगी।
न्यायाधीश ने अपने निर्देश में कहा कि इस मामले अभियुक्तों द्वारा जेल में बिताई गई अवधि को भी इस सजा में शामिल माना जाएगा।