गांधी नगर के एलाईसी मोड़ स्थित फ्लावर डेकोरेशन की दुकान में बुकिंग के लिए फूलों को गूंथते दुका
अंबेडकरगनर। सहालग में फूलों का बाजार अपनी खुशबू बिखेर रहा है। कारोबारी शादी वाले घरों में मांग के मुताबिक विभिन्न किस्म के फूलों की आपूर्ति करा रहे हैं। खासकर दूसरे प्रदेशों के फूलों की मांग है। इसमें शादी के मंडप में लखनऊ, वाराणसी, कानपुर और दिल्ली की मंडियों से आपूर्ति हो रही है। साज-सज्जा के लिए आर्टीफिशियल फूलों की मांग भी बढ़ गई है। ज्यादातर पार्टियों में सजावट के लिए यही फूल लगाए जा रहे हैं।
जिले में गेंदा, गुलाब सहित अन्य किस्मों के फूलों की खेती होती है। सहालग में हर तरह के फूल की मांग बढ़ जाती है। इस वजह से फूलों की कीमत भी बढ़ गई है। खासकर बड़ी पार्टियों में सजावट के लिए इन फूलाें का इस्तेमाल हाे रहा है। बाकी आर्टीफिशियल फूलों से काम चला रहे हैं। जयमाल, सेहरा, दूल्हे के वाहन आदि की सजावट के लिए गुलाब के फूल की खपत तेजी से बढ़ी है। हालांकि, बाहर से आने वाले फूल महंगे होते हैं। शादी की खुशी में लोग महंगाई की परवाह किए बगैर दिल खोलकर खर्च कर रहे हैं। इस आधुनिक युग में लोग मंडप पुराने पद्धति का ही पसंद कर रहे हैं। कारीगर इसके लिए आर्टीफिशियल सजावट का सामान मंगाकर इन्हें सजाते हैं।
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फूलों के कारोबार की बढ़ी रौनक
पटेल नगर स्थित फ्लावर डोकेरेशन दुकानदार कुलदीप ने बताया कि लग्न शुरू होने से फूलों के कारोबार की रौनक भी बढ़ी है। जयमाल स्टेज व विवाह मंडप की सजावट की बुकिंग में लगभग सात से दस हजार की बचत हो जाती है। इसके अलावा साधारण दूल्हे की गाड़ी 500 रुपए और आकर्षक नई डिजाइन के लिए 1000 से 2000 रुपये तक कीमत ली जाती है।
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पिछले साल की अपेक्षा दाम बढ़े, कम मिली बुकिंग
सहालग में सजावट के लिए फूलों का खूब इस्तेमाल हो रहा है। इसकी वजह से इन दिनों फूलों की मांग काफी बढ़ गई है। इधर गर्मी की वजह से बाजार में गेंदा व गुलाब के फूल ढूंढ़े नहीं मिल रहे हैं। इसके दाम भी बढ़ गए हैं, लेकिन पिछले साल की अपेक्षा बुकिंग कम मिल रही हैं।